Gulf Oil की चुनौतियों के बावजूद 14 फीसदी की बढ़त

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  • गल्फ आयल वित्त वर्ष 2019-20 पीएटी पहली बार 200 करोड़ रुपए पार, वित्त वर्ष के अंत में देशव्यापी लाॅकडाउन की चुनौतियों के बावजूद 14 फीसदी की बढ़त

(www.arya-tv.com)Gulf Oil Lubricants India Limited , एक हिंदुजा समूह की कंपनी, ने 31 मार्च, 2020 को समाप्त वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय परिणामों की सूचना दी है। कंपनी ने 1,643.50 करोड़ रुपये का नेट राजस्व और वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 202.52 करोड़ रुपए का पैट हासिल किया है। जो तुलनात्मक रूप से पिछले वर्ष क्रमशः 1705.80 करोड़ रुपए 177.78 करोड़ रुपए था। नए वाहनों के उत्पादन/ क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था में समग्र कमजोरी के चलते प्रमुख मोटर वाहन उद्योग में मंदी के कारण लुब्रिकेंट उद्योग को वर्ष के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसने लुब्रिकेंट की मांग और उपयोग के स्तरों पर प्रभाव डाला।

वित्त वर्ष 2019-20 में देखा गया है कि ट्रेड में लिक्विडिटी का दबाव भी मांग में गिरावट की वजह रहा। कंपनी के लिए ओईएम फैक्ट्री वाहन उत्पादन, विशेष रूप से वाणिज्यिक वाहन, इससे सीधे प्रभावित हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 50-60 फीसदी तक गिर गया। इसके परिणामस्वरूप, कई वर्षों के बाद समग्र लुब्रिकेंट उद्योग में दोहरे अंकों में गिरावट देखी गई। इस तरह के चुनौतीपूर्ण वातावरण के बावजूद कंपनी पिछले वर्ष में अपनी मुख्य लुब्रिकेंट बिक्री में समान राजस्व प्राप्त करके (पिछले वर्ष में एक बार के संस्थागत आदेश के प्रभाव को छोड़कर) अपने क्षेत्रों में बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने में सफल रही है।

कंपनी का पूरा साल का प्रदर्शन और भी बेहतर रहा होता, लेकिन अचानक कोविड लॉकडाउन से पूरा बाजार और ऑपरेशंस मार्च के दूसरे पखवाड़े में बंद हो जाने के कारण वित्तीय वर्ष की चैथी तिमाही (मार्च-एंड से प्रभावित) में असर हुआ, जिसके परिणामस्वरूप चैथी तिमाही में -13 फीसदी की गिरावट आई। यह समय विशेष रूप से परेशान कर देने वाला रहा क्योंकि व्यापार के लिए साल के अंत में विकास से संबंधित प्रोत्साहन कार्यक्रमों में से कई प्रभावित हुए और बिक्री योजनाबद्ध तरीके से नहीं हो सकी। मार्च में लॉकडाउन प्रभाव के कारण, कंपनी ने चैथी तिमाही में 359.68 करोड़ रुपए का शुद्ध राजस्व और 35.94 करोड़ रुपए कर के बाद लाभ (पीएटी) प्राप्त किया।

31 मार्च, 2020 को समाप्त वर्ष के लिए वार्षिक प्रदर्शन के आधार पर, कंपनी के निदेशक मंडल ने 7 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। वार्षिक आम बैठक में सदस्यों के अनुमोदन के अधीन फाइनल डिविडेंट प्रति शेयर 7.00 ( प्रति शेयर 2 रुपए के मूल्य पर 350 फीसदी ) हैं। इससे पहले अप्रैल 2020 के दौरान, बोर्ड ने 2019-20 के वित्तीय वर्ष के लिए अंतरिम लाभांश की घोषणा की और भुगतान किया था। 7.00 रुपए प्रति इक्विटी शेयर (यानी प्रति शेयर 2 रुपए की फेसबुक वैल्यू पर 350 फीसदी )। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए कुल लाभांश 14.00 रुपए प्रति शेयर (यानी 2 रुपए के अंकित मूल्य पर प्रति इक्विटी शेयर का 700 फीसदी) पर खड़ा है।