नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच 15 साल से अवैध रूप से लखनऊ में रह रही पाकिस्तान की एक महिला पर केस दर्ज किया गया है. खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद यह मामला दर्ज हुआ है. महिला का नाम उजमा सलाल है.
बंटवारे के बाद इस महिला का परिवार पाकिस्तान चला गया था. इसके बाद महिला बतौर टूरिस्ट वीजा लखनऊ आ-जा रही थी. 2004 में वह 45 दिन के टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी, लेकिन फिर वह वापस पाकिस्तान नहीं गई. वह शादी करके बच्चों के साथ लखनऊ में रह रही थी. भारत की नागरिकता लिए बगैर 15 साल से यहां रहने के कारण उजमा की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि नागरिकता कानून बनने के बाद वैध दस्तावेज के बिना भारत में रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी.
देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू हो गया है. इसे लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं. शुक्रवार को राष्ट्रपति ने स्वीकृति मिलने से नागरिकता संशोधन विधेयक कानून में तब्दील हो गया. इस एक्ट से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हुए गैर कानूनी अप्रवासियों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी, यदि वे हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन या पारसी धर्म से ताल्लुक रखते हों. ये छह धर्म इन तीन देशों में अल्पसंख्यक हैं.
बता दें, इस कानून के लागू होने के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए 31,313 गैर मुस्लिम शरणार्थियों को फौरन भारत की नागरिकता मिल जाएगी, जिसके बाद उन्हें देश के रहने वाले बाकी लोगों की तरह ही सरकारी सुख-सुविधाएं उठाकर बेहतर जिंदगी गुजर कर सकेंगे. पाकिस्तान के बहुसंख्यकों को इसमें शामिल नहीं किया गया है.
