जाने कैसे अटैक करता है कोरोना वायरस, सीएम हेल्पलाइन के चार कर्मी हुए संक्रमण का शिकार

Lucknow UP

लखनऊ।(www.arya-tv.com) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के पास सीएम हेल्पलाइन के दफ्तर के चाल लोगों में कोरोना का पुष्टि हुुई है इसके अलावा 2 में कोरोना पाया गया है। राजधानी में लगातार मामले में तेजी आती जा रही है,यहां संचालित कॉल सेंटर का काम प्राइवेट कंपनी के पास है। इसमें तैनात पहले एक युवती में वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद से मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है।

शुक्रवार तक 43 कर्मी संक्रमित पाए गए।, वहीं शनिवार को चार और कर्मियों में वायरस मिलने से हेल्पलाइन में संक्रमित कर्मियों की संख्या 47 हो गई है। इसके अलावा एक मरीज अमीनाबाद व एक जानकीपुर निवासी है। ऐसे में कुल मरीजों की संख्या अब 544 हो गई है। सीएम हेल्पलाइन के कई कर्मी चिनहट व सुरेंद्र नगर में किराए के मकानों में रहते थे। इनमें कोरोना मिलने पर मकान मालिकों में हड़कंप मच गया। वह अपने बच्चों को लेकर परेशान हो गए। जांच कराने को लेकर हंगामा करने लगे। काफी आश्वासन के बाद वह शांत हुए।

शनिवार को 305 संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। शनिवार को अस्पतालों से नौ मरीज डिस्चार्ज किए गए। हेल्पलाइन में आठ सौ के करीब कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में संक्रमित कर्मी एक-दूसरे से मिले हैं। साथ ही घर भी गए हैं। कई ने ऑटो से भी सवारी की है। ऐसे में कौन-कौन इन कर्मियों के संपर्क में आया है। सीएमओ की टीम को संपर्क खंगालने में पसीना छूट रहा है। ऐसे में पहले डायरेक्ट सपंर्क में आने वाले लोगों की ट्रेसिंग पर फोकस किया जा रहा है। केजीएमयू में भर्ती कोरोना के मरीज की मौत हो गई है।

सप्ताह भर पहले भर्ती किए गए मरीज में न्यूरो की समस्या हो गई। ऐसे में उसकी शनिवार रात को मौत हो गई। हरदोई के करीम नगर निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति को जुकाम-बुखार हुआ। जांच में उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। ऐसे में छह जून को इलाज के लिए केजीएमयू के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। संस्थान के प्रवक्ता डॉ सुधीर सिंह के मुताबिक मरीज में बुखार बढ़ता रहा। जांच में वायरल इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि हुई। ब्रेन में इंफेक्शन होने से वह कोमा में चला गया। वेंटिलेटर सपोर्ट पर मरीज का इलाज चला। डॉक्टरों के काफी प्रयास के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका।रात पौने आठ बजे मरीज की मौत हो गई।

वहीं राजधानी में अब तक नौ मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है। राजधानी में कोरोना को मात देने का सिलसिला जारी है। शनिवार को लोहिया संस्थान व लोकबंधु अस्पताल से कुल नौ मरीजों को कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद छुट्टी दे दी गई। इनमें से पांच मरीज लोहिया संस्थान से व चार मरीज लोकबंधु अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए हैं। लोहिया संस्थान के अपर चिकित्सा अधीक्षक व प्रवक्ता डॉक्टर श्रीकेश सिंह ने बताया कि हमारे यहां से पांच मरीजों को छुट्टी दी गई है, जिनमें से चार मरीज जीआरपी के जवान हैं। इनमें एक महिला जवान भी शामिल है। जबकि एक मरीज चरक अस्पताल के डॉक्टर हैं।

उन्होंने बताया कि अब हमारे यहां कुल 26 मरीज भर्ती हैं। वहीं, लोकबंधु अस्पताल के निदेशक डॉक्टर डीएस नेगी ने बताया कि शनिवार को अस्पताल से चार मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इनमें से एक मरीज राजधानी के न्यू हैदराबाद कालोना का, एक मरीज आलमबाग का व एक-एक मरीज क्रमश: उन्नाव व बाराबंकी निवासी हैं। राजधानी में मकबूलगंज को नया कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। यहां हनुमान मंदिर के पास रहने वाला बिजली का सामान बेचने वाला कोरोना संक्रमित पाया गया था। बाद में उसके संपर्क में आए परिवार के ही चार अन्य लोग की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई।

इसलिए सीएमओ डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल के निर्देश पर इस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाने की संस्तुति करते हुए फाइल प्रशासन को भेज दी गई है। साथ ही पूरे इलाके को सैनिटाइज करने व क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखे जाने का भी निर्देश है। इन मरीजों के संपर्क में आए अन्य लोगों की तलाश हो रही है। उन सभी के नमूने भी लेकर जांच को भेजे जाएंगे। लोकबंधु अस्पताल में शुक्रवार को पॉजिटिव मिली महिला डॉक्टर के पति सिविल अस्पताल में डॉक्टर हैं। उन्हें भी एहतियातन क्वारंटाइन कर दिया गया है। उनके संपर्क में सिविल में आए मरीजों व स्टाफ का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ डीएस नेगी ने बताया कि लोकबंधु अस्पताल की महिला डॉक्टर के पति सिविल अस्पताल में एनेस्थेसिया के डाॅक्टर हैं। उन्हें क्वारंटाइन कर दिया गया है। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार पांचवें दिन उनका नमूना लेकर कोरोना जांच को भेजा जाएगा।