UPSIDC Recruitment Scam: तीन तत्कालीन अधिकारियों पर FIR, 18 पद थे ही नहीं; 108 नियुक्तियों की जांच

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पूर्व में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी) और अब यूपीसीडा में वर्ष 2007 से 2009 के बीच हुई भर्तियों में हुई अनियमितताओं पर सतर्कता विभाग की कानपुर इकाई ने गुरुवार को तत्कालीन तीन अधिकारियों अजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता एवं प्रबंधक (कार्मिक), संयुक्त प्रबंध निदेशक तपेन्द्र प्रसाद और सहायक प्रबंधक (कार्मिक) सुधीर कनौजिया के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली। शासन के आदेश पर की गई जांच में तीनों अधिकारियों को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नियम विरुद्ध नियुक्तियां करने का दोषी मिलने के बाद शासन ने विजिलेंस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए थे। विजिलेंस ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी और षड्यंत्र करने तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।

प्राधिकरण में अलग-अलग विज्ञापनों के माध्यम से मानचित्रकार, आशुलिपिक, उप प्रबंधक (सामान्य), उप प्रबंधक (लेखा) और सहायक प्रबंधक (लेखा), अवर अभियंता, सहायक आदि के कुल 108 पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। इनमें 18 पद सृजित ही नहीं थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार नियुक्तियों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और अवैध लाभ के लिए नियमों को ताख पर रख दिया गया। अनियमित नियुक्तियां कराने के लिए अधिकारियों ने आपस में साठगांठ भी कर ली। विजिलेंस की विवेचना में अब भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेजों और नियुक्तियों से जुड़े अभिलेखों की जांच की जाएगी। विजिलेंस कानपुर इकाई के इंस्पेक्टर जुबैर अहमद ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

जांच में पाया गया कि प्राधिकरण में हुई भर्तियों में आधा दर्जन ऐसे अभ्यर्थी थे, जो साक्षात्कार के दिन उपस्थित ही नहीं थे या उनका नाम नहीं था, बाद में नाम बढ़ाकर उन्हें नंबर दे दिए गए। इसी तरह 12 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। आठ ऐसे लोगों को नियुक्ति दी गई, जिनके लिए पद ही रिक्त नहीं थे।

चयन में डीएम का प्रतिनिधि नहीं, मनमाफिक दिए अंक

साक्षात्कार के लिए बनी किसी भी चयन समिति में डीएम के प्रतिनिधि को सदस्य नहीं रखा गया। कई पदों के साक्षात्कार के बाद खाली तालिका पर सदस्यों ने हस्ताक्षर किए, बाद में बंद कमरे मंी अभ्यर्थियों को मनमाफिक अंक दे दिए गए।

अनुसूचित जाति के सदस्य और विषय विशेषज्ञ के बिना भर्तियां

वरिष्ठ प्रबंधक वित्त पद के चयन के लिए 30 जून 2008 को हुए साक्षात्कार की चयन समिति की बैठक में कार्यवृत्त पर समिति अध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं हैं। 19 जुलाई 2008 को प्रबंधक सामान्य पद के चयन समिति की बैठक की कार्यवृत्त में अनुसूचित जाति के सदस्य के हस्ताक्षर नहीं हैं। सहायक श्रेणी द्वितीय पद के साक्षात्कार के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्य मौजूद नहीं थे तो मानचित्रकार के लिए आयोजित साक्षात्कार में अध्यक्ष और अनुसूचित जाति के सदस्य के हस्ताक्षर कार्यवृत्त में नहीं मिले। इसी तरह स्वीपर पद के साक्षात्कार में अनुसूचित जाति के सदस्य उपस्थित नहीं थे। अवर अभियंता सिविल, आशुटंकक और लेखलिपिक के पद के लिए चयन समिति की बैठक में विषय विशेषज्ञ की उपस्थिति नहीं मिली।