UPSC: राज्य सभा टीवी चैनल देख सृष्टि जयंत ने सिविल परीक्षा में हाशिल की 5वीं रैंक

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2018 की UPSC परीक्षा में सृष्टि जयंत देशमुख ( Srushti jayant Deshmukh) काफी चर्चा में रहीं। बता दें कि सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सृष्टि महिला अभ्यर्थियों में पहले स्थान पर रहीं। वहीं, उनकी ऑल इंडिया रैंक पांचवी रही।
मध्यप्रदेश की रहने वाली सृष्टि ने अपनी सफलता पर कहा कि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा काफी लंबी होती है और इसके लिए आपको कम से कम एक-डेढ़ साल तैयारी को देने होते हैं। मेरे परिवार, अभिभावक, दोस्तों और शिक्षकों ने मुझे खूब सपोर्ट दिया, इसलिए इसका श्रेय उन्हें भी जाता है।
पहले प्रयास में सफलता पाने के सवाल पर सृष्टि ने कहा कि मैंने यह सोच लिया था कि मेरा पहला प्रयास ही मेरा अंतिम प्रयास होगा। मैंने निश्चय कर लिया था कि इस परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास करना है। आखिर कैसे की परीक्षा की तैयारी, जिससे पहले प्रयास में ही पाई सफलता. बता रही हैं सृष्टि…
सूत्रों के मुताबिक, सृष्टि ने बताया कि किसी भी अभ्यर्थी को अपनी शुरुआत पुराने छः से सात साल के पेपरों से करनी चाहिए। हर रात उन सवालों को आधे घंटे देखें, जिससे तैयारी करते समय आपको आइडिया हो जाए कि ऐसे भी प्रश्न परीक्षा में आ सकते हैं।
सृष्टि ने बताया कि इंटीग्रेटेड प्रिपरेशन ज्यादा जरूरी है। प्रीलिम्स की तैयारी करें तो ऑब्जेक्टिव, मेन्स के लिए जरूरी टॉपिक्स और इंटरव्यू के लिए करंट अफेयर्स पढ़ते रहें।
अपने ऑप्शन सब्जेक्ट को अपनी जरूरत के हिसाब से नहीं बल्कि अपनी पसंद के हिसाब से चुनें। सृष्टि बताती हैं कि उन्हें केमिकल इंजीनियरिंग पसंद थी पर ऑप्शन न होने के कारण उन्होंने समाजशास्त्र लिया। इस तरह उन्होंने अपनी पसंद से संबंधित ही विषय चुना।
अखबार पढना अपनी रोज की दिनचर्या में जोड़ें। उन्होंने कहा कि केवल अखबार में खबरें ही न पढ़ें बल्कि एक नजर संपादकीय यानी एडिटोरियल पेज पर भी मार लें।
रोज जो भी आप करंट अफेयर्स पढ़ते हैं उन्हें नोट्स के रूप में भी तैयार कर लें।
राज्य सभा टीवी देखना भी अपनी तैयारी में रखें। इसके अलावा वहां से रेज एक टॉपिक को नोट करें और उसके बारे में पढ़ें।
सबसे आखिरी पड़ाव होता है इंटरव्यू, जिसके लिए आपका डिटेल एप्लीकेशन फॉर्म देखा जाता है। सृष्टि ने बताया कि उन्हें गाने सुनना पसंद है पर उन्हें म्यूजिक के बारे में नहीं पता था इसलिए उन्होंने इसके बारे में हॉबी में नहीं लिखा।