सूर्योदय ज़िंदगी नाॅन-स्टाॅप’ अभियान ग्रामीण भारत में गुणवत्तापूर्ण सोलर उत्पादों को करेगा प्रोत्साहित

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सूर्योदय ज़िंदगी नाॅन-स्टाॅप’ अभियान ग्रामीण भारत में गुणवत्तापूर्ण सोलर उत्पादों को करेगा प्रोत्साहित

(www.arya-tv.com)वर्ल्ड  बैंक ग्रुप के एक भाग आईएफसी ने गुणवत्तापूर्ण आॅफ-ग्रिड सौर उत्पादों (सोलर प्रोडक्ट्स) के फायदों के बारे में जानकारी बढ़ाने के लिए एक जागरुकता अभियान का लाॅन्च किया है। सौर उत्पादों के निर्माताओं एवं वितरकों जैसे डी.लाईट, देवीदयाल सोलर, फ्रंटियर मार्केट्स, धर्मा लाईफ, सिग्नीफाय और सन किंग के साथ साझेदारी में पेश किए गए इस अभियान सूर्योदय ज़िंदगी नाॅन-स्टाॅप का संचालन पांच भारतीय राज्यों- असम, बिहार, उड़ीसा, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के 2500 गांवों में किया जा रहा है।

सितम्बर 2020 तक जारी रहने वाला यह अभियान इस बात पर ज़ोर देगा कि हमारे रोज़मर्रा के जीवन पर बिजली की अनियमित आपूर्ति का असर नहीं पड़ना चाहिए, जब हमारे पास गुणवत्तापूर्ण एवं सत्यापित सोलर प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। यह अभियान बाज़ार में उपलब्ध सोलर प्रोडक्ट्स की व्यापक रेंज जैसे सोलर लैम्प, सोलर होम लाइटिंग सिस्टम आदि पर रोशनी डालता है, जिनके इस्तेमाल से एक साथ कई पंखे, लाइटें, टीवी चलाए जा सकते हैं, इसके अलावा स्टैण्ड-अलोन सोलर पावर्ड रेफ्रीजरेटर भी सौर उर्जा से चलाए जा सकते हैं। यह अभियान इस बात पर ज़ोर देता है कि सोलर पावर्ड प्रोडक्ट की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए और ये वारंटी के साथ उपलब्ध होने चाहिए। अभियान के तहत प्रचार किए जाने वाले उत्पादों को इन्टरनेशनल इलेक्ट्रोटेकनिकल कमीशन टेस्टिंग  द्वारा जांचा गया है और ये लाइटिंग ग्लोबल क्वालिटी स्टैण्डर्ड्स (गुणवत्ता के विश्वस्तरीय मानकों) पर खरे उतरे हैं। ‘‘आईएफसी का लाइटिंग एशिया/ इण्डिया प्रोग्राम गुणवत्तापूर्ण सत्यापित आॅफ-ग्रिड सोलर प्रोडक्ट्स के विपणन को बढ़ावा देता है, जो उपभोक्ताओं को वास्तविक एवं स्थायी विकल्प उपलब्ध कराते हैं।

हमने अंतिम-उपयोगकर्ताओं को सोलर लाइटिंग एवं एनर्जी प्रोडक्ट्स के फायदों और उपलब्धता के बारे में जागरुक बनाने के लिए एक उपभोक्ता शिक्षा प्रोग्राम की शुरूआत भी की है, ताकि इन उत्पादों की पहुंच को बढ़ाया जा सके।’’ अंजली गर्ग, प्रोग्राम मैनेजर, आईएफसी लाइटिंग एशिया/ इण्डिया प्रोग्राम ने कहा। कई मानकों के आधार पर गांवों का चयन किया गया जैसे ग्रिड बिजली एवं पाईप से आपूर्ति किए जाने वाले पानी की उपलब्धता; फाइनैंस एवं असेट आॅनरशिप प्रतिरूपों की उपलब्धता; सड़कों, राशन की दुकानों, आम सेवा केन्द्रों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, डाकघर और मोबाइल नेटवर्क कवरेज आदि की उपलब्धता के आधार पर गांवों को चुना गया। उत्तरप्रदेश में यह अभियान आज़मगढ़, फतेहपुर, गोरखपुर और वाराणसी ज़िलों के चुनिंदा ब्लाॅक्स को कवर कर चुका है। यह अभियान 2019 के अंत तक बहराईच, बस्ती, फैज़ाबाद और गोंडा ज़िलों तक पहुंचेगा।

इस अभियान के तहत एक वैन का उपयोग किया जा रहा है, जिसे खासतौर पर होम-आॅन-व्हील्स के डिज़ाइन पर तैयार किया गया है। इसे सोलर होम सिस्टम और सोलर लैंटर्न से रौशन किया जाता है। वैन चुने गए गांवों की यात्रा करते हुए गुणवत्तापूर्ण सोलर प्रोडक्ट्स (सौर उत्पादों) के बारे में जानकारी देती है। वैन में वास्तविक जीवन पर आधारित एक फिल्म दिखाई जाती है, जो बताती है कि किस तरह सोलर प्रोडक्ट एक व्यक्ति के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं, उदाहरण के लिए एक मैकेनिक अंधेरा होने के बाद भी सोलर लाइटिंग सिस्टम की मदद से काम कर सकता है, इसी तरह छोटे उद्यमी बिजली जाने पर भी अपने काम को जारी रख सकते हैं, रात को सड़क पर महिलाएं अपने साथ पोर्टेबल सोलर लाईट रख कर सुरक्षित महसूस कर सकती हैं और बच्चे इस तरह की रोशनी में रात को पढ़ सकते हैं या खेल सकते हैं।