(www.arya-tv.com) लखनऊ में एक प्रॉपर्टी डीलर पर अपने परिचित की सुपारी देने का आरोप लगा है। प्रॉपर्टी डीलर ने हिस्ट्रीशीटर को सुपारी देकर उसको अगवा कर हत्या करने का प्रयास किया। पीड़ित ने बताया कि पिस्टल में गोली फंसने से उसकी जान बच गई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आरोपी प्रॉपर्टी डीलर समेत तीन हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के बीच एक प्रॉपर्टी में 2 करोड़ 20 लाख रुपए के निवेश के लेन-देन का विवाद था।
रुपए देने के बहाने बुलाया, कार में पहले से बैठे थे सुपारी किलर
चिनहट निवासी देवेश त्रिपाठी को 27 अप्रैल को प्रॉपर्टी डीलर अरविंद वर्मा ने अगवा कर मारने की कोशिश की थी। दोनों पुराने दोस्त हैं और एक-दूसरे की प्रॉपर्टी में पैसा लगाते हैं। देवेश के मुताबिक, प्रॉपर्टी में निवेश को लेकर अरविंद को 2 करोड़ 20 लाख रुपए दिए थे। इसको लेकर कोई प्रोजेक्ट धरातल पर न उतरने पर वह पैसे वापस मांगने लगा।
अरविंद ने देवेश को 27 अप्रैल की सुबह 10 बजे अपने ऑफिस पैसे लेने के लिए बुलाया। अरविंद ने बैंक खाता हैदरगढ़ में होने की बात कह कर साथ चलने को कहा। इस पर वह उसकी कार में बैठ गया। कार में पहले से ही लोनी कटरा के हिस्ट्रीशीटर राजाराम वर्मा और नन्दन वर्मा बैठे थे। देवेश कुछ समझता, इससे पहले इन लोगों ने गाड़ी दौड़ाना शुरू कर दिया। इसके बाद अचानक हैदरगढ़ से पैसा न निकाल कर नगराम के दादुरी स्थित बैंक से पैसा निकालने की बात कहने लगे। देवेश ने बताया कि दादुरी से कुछ दूर पहले सुनसान जगह गाड़ी रोककर अरविंद के कहने पर राजाराम ने पिस्टल तान दी। वहीं उन दोनों ने मारपीट कर जेब में रखे 40 हजार रुपए भी छीन लिए। विरोध पर राजाराम ने फायर किया, लेकिन मिस हो गया। इसके बाद वह उन लोगों को धक्का देकर भाग निकला।
प्रॉपर्टी खाली कराने के लिए आरोपी साथ लेकर चलता है हिस्ट्रीशीटर
चिनहट इंस्पेक्टर घनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार शाम मल्हौर लौलाई रोड शहीद पथ के पास से प्रॉपर्टी डीलर अरविंद वर्मा, हिस्ट्रीशीटर राजाराम वर्मा और नन्दन वर्मा को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से तमंचा, कारतूस, चाकू और लूट का 40 हजार रुपए बरामद हुआ। राजाराम और नन्दन के खिलाफ बाराबंकी में गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। इनके खिलाफ 12 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
अरविंद प्रॉपर्टी के काम के चलते अपने लेन-देन के विवाद के चलते हिस्ट्रीशीटर को लेकर चलता है। इसके बदले वह एक बड़ी रकम खर्च करता है। पूछताछ में अरविंद वर्मा ने बताया कि रोज-रोज के तकादे से परेशान होकर घटना की योजना बनाई थी, लेकिन फायर न होने पूरी नहीं हो सकी।
