प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो (ईपीबी) और वॉलमार्ट के बीच वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
समझौते का उद्देश्य प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल सशक्तिकरण, ई-कॉमर्स रेडीनेस, पैकेजिंग, गुणवत्ता, प्रमाणीकरण और बाजार पहुंच जैसे अहम क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करना है। वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के तहत चयनित उद्यमियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और मेंटरशिप दी जाएगी, ताकि वे घरेलू और सीमा-पार ई-कॉमर्स कारोबार में प्रभावी रूप से भाग ले सकें। नीति के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग के लिए राज्य सरकार 75 प्रतिशत शुल्क (अधिकतम तीन लाख रुपये) तक का प्रोत्साहन भी देगी।अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि यह साझेदारी एमएसएमई के लिए नए अवसर और बाजार खोलेगी।
