परेड ग्राउंड में रविवार को ‘एक शाम राम के नाम’ कार्यक्रम में भक्ति, संगीत और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। सूफी और लोक संगीत गायक कैलाश खेर ने भगवान श्रीराम के भजनों से लेकर अपने लोकप्रिय गीतों तक की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और जय श्रीराम के जयघोष के साथ हुई। मैथिली और मनु बहनों ने ‘राम सिया राम, सिया राम जय जय राम’ भजन प्रस्तुत कर भक्तिमय माहौल बना दिया।
इसके बाद ‘ठुमक ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैजनियां’ भजन के जरिए भगवान राम के बाल स्वरूप और उनकी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। ‘श्री रामचंद्र कृपालु भज मन’ की प्रस्तुति ने भी श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। वहीं, मिथिला की परंपरा पर आधारित ‘मिथिला का कण-कण खिला, जमाई राजा’ गीत पर दर्शकों ने दोनों हाथ उठाकर तालियां बजाई।
लेजर लाइट के बीच मंच पर आए कैलाश खेर, तालियों से गूंजा परिसर
राम-सीता के स्वयंवर प्रसंग पर आधारित ‘पहनो जयमाला’ गीत ने भी लोगों का मन मोह लिया। इसके बाद कैलाश खेर की प्रस्तुति के लिए मंच तैयार हुआ। मंच की सामान्य लाइटें बंद कर लेजर लाइटें चालू की गईं तो पूरा परिसर रोमांचक माहौल में डूब गया। कैलाश खेर के मंच पर पहुंचते ही दर्शकों ने जोरदार तालियों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंच आकर्षण का केंद्र बन गया। इससे पहले श्रीरामलीला सोसायटी परेड की ओर से तैयार वीडियो भी स्क्रीन पर दिखाया गया। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना था।
कैलाश खेर बोले- भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ा है मेरा संगीत
कैलाश खेर ने ‘अरे मैं राम नाम ही भजूं रे, राम ही पार लगावे’, ‘पिया के रंग रंग दीनी ओढ़नी’ और ‘तेरे बिन नहीं लगता दिल मेरा ढोलना’ जैसे गीतों से समां बांध दिया। उन्होंने कानपुर को ‘कान्हापुर’ बताते हुए कहा कि यह पावन धरती है। उन्होंने कहा कि भारत गायकों का देश है, जहां लोग पुलिस की ड्यूटी करते हुए, साइकिल चलाते हुए, गाड़ी में और सड़क पर भी गुनगुनाते नजर आते हैं।
इसके बाद ‘कैसे बताएं कि तुमको चाहें’ गीत पर दर्शक झूम उठे। ‘कौन है, कौन है वो, कहां से वो आया’ और ‘प्रीत की लत मोहे ऐसी लागी’ जैसे गीतों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कैलाश खेर ने कहा कि वह भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को ध्यान में रखकर ही गीत लिखते और गाते हैं। उनके गीतों ने पूरे आयोजन को भक्ति और संगीत के रंग में रंग दिया।
तिलक, आरती और रामनामी से हुआ स्वागत
होटल लैंडमार्क में पद्मश्री कैलाश खेर का सोसाइटी के पदाधिकारियों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। अध्यक्ष महेंद्र मोहन गुप्त, मंत्री आलोक अग्रवाल समेत हर्ष, प्रवीण, कनिष्का और शिल्पी अग्रवाल ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और रामनामी व रुद्राक्ष माला भेंटकर अभिनंदन किया। पुष्पगुच्छ भी भेंट किया।
