कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटे तक सीएम ग्रिड योजना के तहत दुकानों, घरों और मस्जिद पर निगम का बुलडोजर चलने के दो दिन बाद गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित व्यापारियों का हाल जानने पहुंचा। सपा नेताओं ने कहा कि महापौर, एमपी, एमएलए समेत सब सत्ता के नशे में चूर हैं। व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। पार्टी उनके हक के लिए आंदोलन करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ने कहा कि इतने सालों से ये लोग यहां रह रहे हैं, व्यापार कर रहे हैं और सभी टैक्सदाता हैं। बावजूद अचानक नगर निगम ने इन सभी पर कार्रवाई कर दी। यह कार्रवाई इनके घरों और मकानों पर नहीं कि गई है बल्कि रोजी-रोटी पर बुलडोजर चला है। उन्होंने सवाल उठाया कि मेयर, एमपी, एमएलए इतने सालों से क्या कर रहे थे। ये सभी सत्ता के मद में चूर हैं। इतना बुरा हाल है कि कोई भी नियम-कानून मानने को तैयार नहीं है। आजादी के पहले से रोजगार चला रहे व्यापारियों के प्रतिष्ठानों को अवैध बताकर तोड़ा जाना पूरी तरह से गलत है। बिना कोई विकल्प दिए इतनी बड़ी विध्वंसक कार्रवाई नाकाबिले बर्दाश्त है।
बीडीए का नक्शा, फिर भी चला दिया बुलडोजर
सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा, जिन व्यापारियों के प्रतिष्ठानों को तोड़ा गया। उन पर सभी जरूरी कागजात के साथ बीडीए से पास नक्शा भी है। नगर निगम यहां 1920 का नक्शा दिखाकर बुलडोजर चला रहा है, यह व्यापारियों का उत्पीड़न है। नगर निगम बिजली बिल और जल-कल टैक्स ले रहा है तो निर्माण को अवैध बताना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि तथ्यों को एकत्र कर डीएम के माध्यम से मुआवजे की मांग की जाएगी। आने में देरी पर कहा कि हम पूरी जानकारी और साक्ष्यों के साथ व्यापारियों की मदद करना चाहते थे, इसलिए ब्योरा तैयार कर रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में नेताओं की लंबी लिस्ट
व्यापारियों से मिलने आए सपा प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव शुभलेश यादव, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, राजेश अग्रवाल, प्रदेश कार्य समिति सदस्य संजीव सक्सेना, अनुज गंगवार, निवर्तमान जिला महासचिव संजीव यादव, सूरज यादव, डॉ अनीस बेग, महानगर उपाध्यक्ष राजेश मौर्य, उपाध्यक्ष दिनेश यादव, राम प्रकाश यादव, जिला उपाध्यक्ष रविन्द्र यादव, प्रमोद बिष्ट व कोषाध्यक्ष अशोक यादव समेत दर्जनों नेता शामिल रहे।
