Deepotsav 2026 में बदलेगा अयोध्या का रंग-रूप, रामायण थीम पर सजेंगे 10 भव्य द्वार; राम रथ से पुष्पक विमान तक होंगे आकर्षण

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अयोध्या। दीपों की जगमगाहट के लिए पहचानी जाने वाली रामनगरी दीपोत्सव-2026 में इस बार कलात्मक सजावट और रचनात्मक आकृतियों से भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगी। अयोध्या के प्रमुख चौराहों, प्रवेश मार्गों, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक रामायण थीम पर आधारित भव्य सजावट देखने को मिलेगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।

दीपोत्सव में सजावटी द्वार, वे-फाइंडर, सेल्फी प्वाइंट और मंच के साथ राम रथ और पुष्पक विमान की झलक भी दिखाई देगी। सरयू की लहरों पर आकर्षक फ्लोटर्स भी आयोजन की भव्यता बढ़ाएंगे।

6 से 8 नवंबर तक होंगे आयोजन

दीपोत्सव-2026 के तहत अयोध्या में 6 से 8 नवंबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 7 नवंबर को मुख्य दीपोत्सव होगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए करीब 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे। इन्हें प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास स्थापित किया जाएगा।

रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी प्वाइंट

दीपोत्सव में आने वाले लोगों के लिए रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 आकर्षक सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक इंस्टॉलेशन की थीम, डिजाइन और निर्माण शैली अलग होगी। इनमें अयोध्या और दीपोत्सव की झलक कलात्मक अंदाज में दिखाई जाएगी।

त्रि-आयामी कलाकृतियां आयोजन स्थलों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ आगंतुकों के अनुभव को भी खास बनाएंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया जाएगा कि ये दीपोत्सव-2026 की सजावट का हिस्सा बनने के साथ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनें। इसी क्रम में लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी मार्ग तक कलात्मक स्थापनाएं यानी आर्ट इंस्टालेशन भी तैयार की जाएंगी।

नए कलेवर में नजर आएगा रामकथा पार्क का मंच

‘दीयों के उत्सव’ के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए रामकथा पार्क के स्थायी मंच को नया रूप दिया जाएगा। मंच पर ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन और थीम आधारित रंगीन कपड़ों का इस्तेमाल होगा। दोनों ओर सीढ़ियों के साथ पुष्प सज्जा, रंगोली, पर्दे और मंच पर बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

मौजूदा ढांचे के अनुरूप ही मंच का डिजाइन तैयार किया जाएगा। रामकथा पार्क के प्रवेश और निकास को आकर्षक बनाने के लिए सजावटी गेट भी बनाए जाएंगे। प्रत्येक गेट का डिजाइन भारतीय संस्कृति, पारंपरिक प्रतीकों और रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगा।

अयोध्या के प्रवेश मार्गों पर दिखेगी रामायण की झलक

दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रवेश मार्ग भी नए रंग-रूप में नजर आएंगे। शहर के प्रमुख हाईवे और ‘धर्म पथ’ पर रामायण थीम से सजे 10 भव्य द्वार तैयार किए जाएंगे।

लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से अयोध्या आने वाले मार्गों के साथ धर्म पथ पर बनने वाले इन द्वारों की सजावट में हर गेट की अलग पहचान होगी। आकर्षक डिजाइन, थीम आधारित सजावट और रोशनी से सजे ये प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं को अयोध्या पहुंचते ही दीपोत्सव की भव्यता का अनुभव कराएंगे।

वहीं, राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन भी तैयार किया जाएगा, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।

राम रथ, राम दरबार और भरत मिलाप भी होंगे खास

रामायण की कथा को जीवंत रूप देने के लिए राम रथ और झांकी तैयार की जाएगी। राम की पैड़ी के पास राम दरबार की भव्य प्रस्तुति होगी। वहीं रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे।

प्रमुख मार्गों पर फ्लैग पोल लगाकर आयोजन की भव्यता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा सरयू और राम की पैड़ी पर आकर्षक फ्लोटर्स लगाए जाएंगे। राम रथ, राम दरबार और भरत मिलाप मंच भी दीपोत्सव के विशेष आकर्षणों में शामिल होंगे।

सांस्कृतिक विरासत को नए अंदाज में पेश करने की तैयारी

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की भव्यता के साथ उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नए रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामायण थीम पर आधारित सजावट, कलात्मक स्थापनाएं और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को रामनगरी के दिव्य और भव्य स्वरूप का नया अनुभव कराएंगी।

उन्होंने कहा कि प्रयास है कि दीपोत्सव की आभा अयोध्या आने वाले हर व्यक्ति के मन में अविस्मरणीय छाप छोड़े।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ भव्य रूप दिया जा रहा है। रामायण थीम पर तैयार सजावटी द्वार, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगी।

उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्थापनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें लंका कांड समेत रामायण के प्रमुख प्रसंगों को बेहद सरल भाषा में एक-एक पंक्ति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।