अलकायदा ने तालिबान से कश्मीर को इस्लाम के दुश्मनों से आजाद कराने का कहा

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(www.arya-tv.com) अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले के जिम्मेदार खूंखार दहशतगर्द संगठन अलकायदा ने तालिबान को अफगानिस्तान पर राज जमाने की मुबारकबाद दी है। यही नहीं अलकायदा ने तालिबान को दिए अपने संदेश में कश्मीर समेत दुनिया के उन इलाकों को आजाद कराने की बात कही ही, जो इस्लाम के दुश्मनों के कब्जे में है। अलकायदा के इस संदेश से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से आतंकी संगठनों की नजर कश्मीर पर है और आने वाले दिनों में भारत की चिंताएं बढ़ सकती हैं। अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह से वापसी के एक दिन बाद अलकायदा ने यह संदेश जारी किया है।

अलकायदा की ओर से जारी बयान में कहा कि अब सीरिया, सोमालिया, यमन, कश्मीर और दुनिया भर में मौजूद इस्लाम की उस धरती को आजाद कराना है, जो इस्लाम के दुश्मनों के हाथों में है। ओ अल्लाह! पूरी दुनिया में इस्लाम के बंधक बने लोगों को आजादी दे। अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान की ओर से पूर्ण का ऐलान किया गया था। इसके बाद ही अलकायदा ने यह बयान जारी किया था। अलकायदा ने कहा कि हम लंबे समय से सीरिया, सोमालिया, फलस्तीन और कश्मीर को आजाद कराने की मांग करते रहे हैं।

अमेरिकी सेनाओें की वापसी के बाद जश्न में हवाई फायरिंग करते दिखे थे तालिबानी
अमेरिकी सेनाओं की 30 अगस्त को राष्ट्रपति जो बाइडेन की ओर से किए गए ऐलान के मुताबिक ही वापसी हो गई थी। इसके बाद तालिबान काबुल एयरपोर्ट पर कार रेसिंग करते हुए और हवाई फायरिंग कर जश्न मनाते दिखे थे। अमेरिका पर 2001 में हुए आतंकी हमले के बाद अफगानिस्तान की सत्ता से बेदखल किए गए तालिबान ने एक बार फिर से पूरे देश पर कब्जा जमा लिया है। हालांकि अब भी पंजशीर घाटी में विद्रोहियों ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अहमद मसूद और पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद सालेह शामिल हैं।

आतंकी संगठनों पर लगाम कसना तालिबान के लिए चुनौती
तालिबान भले ही यह कह रहा है कि अब अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी और देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन अलकायदा का यह बयान चिंताएं बढ़ाने वाला है। यदि तालिबान वास्तव में विश्व समुदाय में बना रहना चाहता है तो उसे अलकायदा और पाक तालिबान जैसे आतंकी संगठनों पर लगाम कसनी होगी। भारत ने भी मंगलवार को तालिबान से पहली बार औपचारिक बातचीत में यही अपील की है। भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान की जमीन पर आतंकी गतिविधियां नहीं चलनी चाहिए। इसके अलावा देश छोड़कर जो लोग जाना चाहते हैं, उनका उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।