प्रतापगढ़ (आरएनएस ) रामानुज आश्रम में पदमा एकादशी धूमधाम से मनाई गई। प्रातः काल भगवान शालिग्राम का दूध दही घी मधु शक्कर एवं गंगाजल से भगवान का अभिषेक हुआ । भगवान के पूजन अर्चन के पश्चात धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि पदमा एकादशी के व्रत करने से समस्त पाप राशियों का नास एवं समस्त सुख प्राप्त होते हैं।
पुण्यात्मा जनों को भोग और मोक्ष प्रदान करने वाला यह सुखदायक व्रत है। भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर से कहा था हे राजन इसके पढ़ने और सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है ।इस संबंध में महाराजा मांधाता की कथा है जिनके राज्य में एक बार अकाल पड़ गया जनता बहुत त्रस्त थी। उन्होंने जंगल में जाकर ब्रह्माजी के पुत्र अंगिरा ऋषि का दर्शन किया और अपनी व्यथा कथा सुनाया ।
अंगिरा ऋषि ने उन्हें भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पदमा एकादशी का व्रत करने का उपदेश दिया ।राजा ने परिजनों सहित इस व्रत को किया जिसके कारण वहां पर वृष्टि हुई और समस्त भूमि हरी-भरी हो गई। राज्य धन धान्य से परिपूर्ण हो गया। जनमानस प्रसन्न हो गया। इसलिए पदमा एकादशी का व्रत करना चाहिए। लॉक डाउन का पालन करते हुए नारायणी रामानुजदासी डॉक्टर अवंतिका डॉ अंकिता पांडे एवं परिवारी जन सहित भक्त गण उपस्थित रहे।
