लखनऊ। लखनऊ के एसएसपी रह चुके तेज तर्रार छवि के आईपीएस अधिकारी दीपक कुमार को उनकी निष्पक्ष कार्यशैली का ईनाम देते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हे अयोध्या रेंज का डीआईजी बनाया है। अयोध्या में 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुचर्चित राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे उसके ठीक पहले दीपक कुमार की इस रेंज में तैनाती बताती है कि उन पर विभाग को कितना अधिक भरोसा है।
गौरतलब है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ की कमान स्वंय आईपीएस दीपक कुमार को सौंपी थी जिस पर दीपक कुमार खरे भी उतरे। लखनऊ का एसएसपी रहते हुए उन्होने कई बड़े खुलासे किये तो जनता का भी भरोसा जीता जो पुलिस में बहुत कम देखने को मिलता है। लखनऊ से हटने के बाद वे डीआईजी पद पर प्रोन्नत हुए और बादां व चित्रकूट जैसे चुनौती पूर्ण जिलों का जिम्मा ना सिर्फ संभाला बल्कि उसे कुशलता से निभाया।
दीपक कुमार को लखनऊ के वर्तमान पुलिस कमिश्नर सुजीत कुमार की टीम का तेज तर्रार अफसर माना जाता है जिस समय दीपक कुमार लखनऊ के एसएसपी थे उस समय सुजीत कुमार पाण्डेय लखनऊ के आईजी थे और दोनो की जुगलबंदी का ही परिणाम था कि कई बड़े बड़े मामलों का भी खुलासा हुआ। उस समय का विवेक तिवारी हत्याकांड शायद ही कोई भूला हो उस हत्याकांड का खुलासा भी इसी टीम ने किया। बांदा में अपनी तैनाती के दौरान दीपक कुमार ने कोविड—19 की रोकथाम को लेकर जारी सरकार की गाईडलाईन का शानदार तरीके से पालन कराया और उनके रहते ही बादां में कोरोना के केस बढ़ने नही पाये।
अब दीपक कुमार को सरकार ने अयोध्या जैसी महात्वपूर्ण रेंज की जिम्मेदारी सौंपी है वह भी ठीक प्रधानमंत्री के वहां आगमन से पूर्व जिससे दीपक कुमार की कार्यशैली का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस विभाग के साथ ही जनता के भरोसे पर अयोध्या पंहुचे दीपक कुमार का कहना है कि पीएम के आगमन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयीं हैं और उनका सुरक्षा घेरा अचूक होगा उन्होने कहा कि पीएम के दौरे के मद्देनजर बाहरी लोगों का अयोध्या में प्रवेश भी रोक दिया गया है। उन्होने कहा कि आयोजन को सफलता पूर्वक संपन्न कराया जायेगा।
