दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को धनशोधन के नए मामले में फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धनशोधन के एक नए मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया है कि याचिका को 16 नवंबर को दो न्यायाधीशों की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने खान की याचिका को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया और मुख्य न्यायाधीश से 16 नवंबर को एक खंडपीठ के समक्ष इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह किया। इस तरह अब उनकी जमानत याचिका पर अगली सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी
कपिल सिब्बल ने उठाया 87 FIR का मुद्दा
आजम खान के वकील के मुताबिक, 78 वर्षीय सपा नेता को जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले में एक नवंबर को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था। आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दुर्भावनावश ईडी की कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्हें रिहा किया जाने वाला था, तभी गिरफ्तार कर लिया गया। सिब्बल ने कहा, ”वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि मैं (आजम खान) चुनाव के दौरान जेल में रहूं।” खान के वकील ने बताया था कि 78 वर्षीय सपा नेता को जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले के सिलसिले में एक नवंबर को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था।
16 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
अब इस मामले में आजम खान की जमानत याचिका पर 16 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आग्रह के बाद इस तारीख पर हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर भी नजर रहेगी। कथित दोहरे पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल से जमानत पर रिहा होने के तुरंत बाद ईडी ने 31 अक्टूबर को धनशोधन के इस मामले में आजम खान को गिरफ्तार कर लिया था।
