- अब दुनिया देखेगी यूपी की तराई के जंगलों की अनकही कहानियां, ‘अनटेम्ड तराई’ परियोजना शुरू—तीन वर्षों तक होगा वन्यजीवों का फिल्मांकन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की तराई की समृद्ध जैव विविधता, वन्यजीवों और प्राकृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में ‘अनटेम्ड तराई’ परियोजना की शुरुआत की गई है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल और ‘एनवायरनमेंट वॉरियर्स’ के प्रयासों से शुरू हुई इस परियोजना के तहत तराई के जंगलों और वन्यजीवों की अनकही कहानियों को कैमरे में दर्ज किया जाएगा।
- तीन साल तक जंगलों में होगा फिल्मांकन
लखनऊ स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में उत्तर प्रदेश वन विभाग, पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित वन्यजीव फिल्मकार-निर्देशक एवं छायाकार सुब्बैया नल्ला मुथु की संस्था ‘नल्लाज़ आर्क’ तथा ‘एनवायरनमेंट वॉरियर्स’ की अम्बिका मिश्रा के बीच परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना के तहत दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य, रानीपुर टाइगर रिजर्व और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व समेत तराई के प्रमुख वन क्षेत्रों में करीब तीन वर्षों तक फिल्मांकन किया जाएगा। इस दौरान वन्यजीवों, जैव विविधता, प्राकृतिक आवास, वन्यजीवों के व्यवहार और संरक्षण प्रयासों को कैमरे में रिकॉर्ड किया जाएगा।
- वैश्विक मंच तक पहुंचेगी तराई की प्राकृतिक विरासत
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि तराई उत्तर प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक विरासत है। इसकी अनकही कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के साथ युवाओं और समाज को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ‘एनवायरनमेंट वॉरियर्स’ पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है और युवाओं व नागरिकों को प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- वन विभाग के अधिकारी और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष उत्तर प्रदेश सुनील चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव उत्तर प्रदेश अनुराधा वेमुरी सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। इस अवसर पर सुब्बैया नल्ला मुथु, रामेश्वर सिंह, अम्बिका मिश्रा, निखिल शर्मा, एन. रविन्द्र, दीपक कुमार, राम कुमार, अरविन्द कुमार सिंह, सुजॉय बनर्जी, संजय कुमार बिश्वाल और मुकेश कुमार कांडपाल समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे। ‘अनटेम्ड तराई’ के जरिए उत्तर प्रदेश की तराई की जैव विविधता, वन्यजीवों और प्राकृतिक विरासत की कहानियां देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी को नई गति मिल सकेगी।
