73 सेमी ऊपर जाकर दहशत फैलाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। इससे हेतमापुर स्थित मंदिर को बचाने के प्रयासों को थोड़ा बल मिला है। धारा ने रुख तो बदला ही कटान में भी कमी आई है। हालांकि बाढ़ और कटान के असर से किनारे बसे गांवों की आबादी अभी भी खासे प्रभावित हैं।
सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर लाल निशान से 73 सेमी ऊपर पहुंच गया था। इससे गांवों की ओर तेजी से बढ़े पानी ने सबकुछ जलमग्न कर दिया। तराई में खासा दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीण पलायन तय मानकर चल रहे थे हालांकि बुधवार की सुबह राहत की खबर यह रही कि नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा। जिससे हेतमापुर स्थित बाबा नारायण दास मंदिर को बचाने के लिए जारी कोशिश कामयाब होनी तय मानी जा रही। बुधवार को भी मंदिर को छू रही नदी को दूर करने के लिए बचाव कार्य तेजी से होते रहे। जलस्तर में कमी के साथ कटान का दायरा भी कुछ कम हुआ लेकिन बाढ़ और कटान की मार झेल रहे परिवारों की समस्याएं अभी भी जस की तस बनी हुई है।
