नैनीताल जिले के हल्द्वानी रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ और गंगाजल छिड़काव के मामले में न्यायालय ने अलग से मुकदमा दर्ज कराने की मांग वाली प्रार्थना पत्र को निष्प्रभावी मानते हुए निरस्त कर दिया है।
जनसभा स्थल का कथित रूप से शुद्धिकरण यज्ञ
रघुवीर सिंह ने 21 सितंबर 2026 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। आरोप लगाया गया था कि 8 अगस्त को रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के दो दिन बाद, 10 अगस्त को गिरीश चंद्र पांडेय समेत 15 अन्य लोगों ने जनसभा स्थल का कथित रूप से शुद्धिकरण यज्ञ किया और गंगाजल का छिड़काव किया। प्रार्थी ने इसे अनुसूचित जाति के सदस्यों के अपमान और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला आपराधिक कृत्य बताते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी।
उसने इस मामले में 1 सितंबर को हल्द्वानी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को व्हाट्सएप के माध्यम से तथा 3 और 7 सितंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को पंजीकृत डाक से शिकायत भेजी थी। कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय का रुख किया।
घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज हो चुका था
न्यायालय ने अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्रार्थी की ओर से वर्तमान प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाने से पहले ही उसी घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज हो चुका था। उसमें एससी/एसटी एक्ट की धारा भी शामिल है और मामले की विवेचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। न्यायालय ने कहा कि एक ही घटना के संबंध में पृथक-पृथक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराना विधिसम्मत नहीं है।
