शिवली थाना क्षेत्र के जुरावरपुर गांव में जमीन और मकान की दीवार को लेकर चल रहा विवाद रविवार देर रात खूनी संघर्ष में बदल गया। परिजनों का आरोप है कि परिवार के ही लोगों ने 32 वर्षीय रामसनेही की लाठी-डंडों और लोहे की पाइप से बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उसे रस्सी से बांधकर करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए प्लॉट में फेंक दिया गया। गंभीर रूप से घायल रामसनेही ने सोमवार सुबह कानपुर के हैलट अस्पताल में दम तोड़ दिया।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग युवक को गली में पीटते दिखाई दे रहे हैं।
दीवार को लेकर चल रहा था विवाद
रामसनेही पुत्र शिवकुमार जुरावरपुर गांव का रहने वाला था। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी शादी हो चुकी थी, जबकि पत्नी ममता फिलहाल अपने मायके में रह रही है।
परिजनों के मुताबिक, मकान की दीवार को लेकर रामसनेही का परिवार के ही रामस्वरूप से विवाद चल रहा था। मृतक की बहन रजनी का आरोप है कि रविवार रात रामस्वरूप समेत करीब आधा दर्जन लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने रामसनेही के साथ मारपीट की और उसे घसीटते हुए गली में ले गए।
लोहे की पाइप से सिर और पैरों पर वार का आरोप
रजनी के मुताबिक, गली में रामसनेही के सिर और पैरों पर लोहे की पाइप से लगातार वार किए गए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपियों के डर से कोई बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
परिजनों का आरोप है कि मारपीट में रामसनेही की हालत मरणासन्न हो गई। इसके बाद रामस्वरूप ने उसके गले में रस्सी बांधी और उसे करीब 50 मीटर दूर घसीटकर एक प्लॉट में फेंक दिया।
रजनी ने बताया कि बुजुर्ग पिता भी बेटे को बचाने की स्थिति में नहीं थे। बाद में परिवार और ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
हैलट में इलाज के दौरान मौत
सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायल रामसनेही को शिवली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान सोमवार सुबह करीब पांच बजे रामसनेही की मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। इंस्पेक्टर अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
