- Space और Cyber Space बनेंगे सुरक्षा के नए मोर्चे
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अंतरिक्ष में बढ़ती सैन्य क्षमताओं को भविष्य की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बताते हुए कहा कि आने वाले समय में युद्ध केवल जमीन, समुद्र और आकाश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि Space और Cyber Space भी प्रमुख मोर्चे बन सकते हैं। उन्होंने अमेरिका के Space Control Weapons, चीन और रूस की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं तथा Golden Dome जैसे मिसाइल डिफेंस प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। Satellites पर हमला Communication, Navigation, Banking और सैन्य प्रणालियों को प्रभावित कर सकता है।
- Mission Shakti से बढ़ी भारत की Space Defence Capability
डॉ. सिंह ने Mission Shakti 2019 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने अपनी Space Defence Capability का प्रदर्शन किया है। उन्होंने Space-Based Surveillance (SBS-3) कार्यक्रम के तहत 52 Surveillance Satellites की योजना को देश की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं से जोड़ते हुए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में R&D निवेश बढ़ाने तथा अत्याधुनिक शोध को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया। साथ ही वैज्ञानिकों और Innovators को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
- जवान और वैज्ञानिक दोनों राष्ट्र के रक्षक
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सीमा पर खड़ा जवान और Laboratory में काम करने वाला वैज्ञानिक दोनों राष्ट्र के रक्षक हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध के हथियार और तरीके बदल रहे हैं—कल तलवार थी, आज Code, Satellites और AI हैं। उन्होंने युवाओं से Innovation, Skills और Research को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की Technological Strength को बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा की भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी का समय अभी है।
