जिले में अर्नब तूफान का असर लगातार देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने शहर से लेकर गांवों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अधिकांश गांवों में बिजली के पोल गिरने और तार टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित है।
लगातार बारिश के कारण राप्ती नदी भी उफान पर है, जिससे बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश के साथ चल रही तेज हवाओं से कई जगह धान की फसल भी खेतों में गिर गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बिजली गुल होने से मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित
लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित होने की सूचना है। इससे लोगों के लिए एक-दूसरे से संपर्क करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
राप्ती का जलस्तर बढ़ा, बाढ़-कटान का खतरा
जिले और नेपाल की पहाड़ियों में हो रही भारी बारिश का असर राप्ती नदी के जलस्तर पर पड़ा है। नदी के उफान पर आने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जमुनहा स्थित राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है।
जलस्तर बढ़ने से कछार क्षेत्र में बाढ़ और कटान की आशंका बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने एसपी राहुल भाटी और सीडीओ शाहिद अहमद समेत अन्य अधिकारियों के साथ जमुनहा क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन अलर्ट, बाढ़ चौकियां सक्रिय
बाढ़ और कटान की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। राहत और बचाव की व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
