वन्यजीव प्रहरियों की सुरक्षा का संकल्प, डॉ. राजेश्वर सिंह ने की बड़ी पहल

Lucknow
  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 140 बाघ मित्र सम्मानित, ₹5 लाख जीवन और ₹2 लाख चिकित्सा बीमा की पहल

पीलीभीत, 12 सितंबर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद में वन्यजीव संरक्षण के जमीनी प्रहरियों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक भविष्य को लेकर Environment Warriors के 10वें वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बाघ मित्रों, वनकर्मियों, गाइड्स और ड्राइवर्स को सम्मानित करते हुए उनके कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की।

  • 140 बाघ मित्र सम्मानित, वनकर्मियों को सुरक्षा सामग्री

वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे 140 बाघ मित्रों को प्रशस्ति-पत्र, टॉर्च और साड़ी देकर सम्मानित किया गया। जंगलों की कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले वनकर्मियों के लिए 50 रेनकोट और 10 मेडिकल/फर्स्ट-एड किट भी प्रदान की गईं। वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन में सहयोग करने वाले गाइड्स एवं ड्राइवर्स को भी सम्मानित किया गया।

  • बाघ मित्रों के लिए ₹5 लाख जीवन और ₹2 लाख चिकित्सा बीमा

डॉ. राजेश्वर सिंह ने घोषणा की कि अक्टूबर 2026 में Wildlife Week के दौरान विशेष बीमा शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से पात्र बाघ मित्रों को ₹5 लाख का जीवन बीमा और ₹2 लाख का चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने अगले वर्ष उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच बाघ मित्रों को ₹25-25 हजार की सम्मान राशि देने की भी घोषणा की।

  • बाघ मित्रों को रोजगार से जोड़ने की पहल

बाघ मित्रों और अन्य पात्र संरक्षण सहयोगियों के बायोडाटा एकत्र कर उनकी योग्यता एवं मैदानी अनुभव के अनुरूप रोजगार के अवसरों से जोड़ने की पहल भी की जाएगी। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों को केवल सम्मानित करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके आर्थिक भविष्य को मजबूत करना भी जरूरी है।

  • सुब्बैया नल्लामुथु बनाएंगे पीलीभीत और तराई पर फिल्म

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त Wildlife Filmmaker सुब्बैया नल्लामुथु द्वारा पीलीभीत टाइगर रिजर्व और तराई क्षेत्र पर फिल्म निर्माण की घोषणा रही। प्रस्तावित फिल्म में क्षेत्र के बाघ, तेंदुए, जंगल, घास के मैदान, जैव विविधता, संरक्षण प्रयास और स्थानीय समुदायों की भूमिका को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने और जिम्मेदार Wildlife Tourism को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

  • पीलीभीत में अत्याधुनिक Leopard Rescue Centre जल्द

DFO पीलीभीत मनीष सिंह, IFS ने पीलीभीत में अत्याधुनिक Leopard Rescue Centre के शीघ्र उद्घाटन की घोषणा की। केंद्र में तेंदुओं के त्वरित रेस्क्यू, उपचार, पुनर्वास और वैज्ञानिक प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और वन्यजीवों की सुरक्षा में मदद मिलेगी।

  • पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय Wildlife Map पर लाने का लक्ष्य

पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान ने पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और पीलीभीत टाइगर रिजर्व को देश के सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्व में अग्रणी बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की बात कही। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार Wildlife Tourism से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण परिवारों की आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

  • ₹10 लाख के प्रस्ताव की पैरवी का आश्वासन

डॉ. राजेश्वर सिंह ने वन्यजीव संरक्षण एवं इससे जुड़े हितधारकों के कल्याण के लिए शासन को भेजे गए ₹10 लाख के प्रस्ताव की प्रभावी पैरवी का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव की स्वीकृति और क्रियान्वयन के लिए उचित स्तर पर विषय को उठाया जाएगा।

  • “बाघों की रक्षा करने वालों की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि बाघ मित्र, वनकर्मी, गाइड्स और ड्राइवर्स जंगल एवं वन्यजीवों की सुरक्षा की सबसे मजबूत जमीनी कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों को बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा उपकरण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, “बाघों की रक्षा का अर्थ उन लोगों की रक्षा करना भी है, जो प्रतिदिन खतरे और जंगल के बीच प्रहरी बनकर खड़े रहते हैं। बाघ बचेंगे तो जंगल बचेंगे, जंगल बचेंगे तो पर्यावरण बचेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा।”