लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने गोमतीनगर विस्तार में ₹66.40 करोड़ की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन भवन के लोकार्पण को प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि योगी सरकार का “शिलान्यास से लोकार्पण” और “वादे से परिणाम” का मॉडल आज उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुका है। उन्होंने समस्त सरोजनीनगर परिवार को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि 1 जून 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया था। अब रिकॉर्ड समय में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 19 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के हाथों इसका लोकार्पण होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सरकार की समयबद्ध कार्यशैली और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि लोकार्पण समारोह में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर, प्रमुख सचिव राजस्व अर्पणा यू., उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एस.पी. गोयल तथा उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे।
- सरोजनीनगर बन रहा संस्थागत विकास का नया केंद्र
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विधि विज्ञान संस्थान, विदेशी भाषा विश्वविद्यालय और अशोक लेलैंड संयंत्र के बाद अब राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का आधुनिक भवन भी सरोजनीनगर की पहचान को नई ऊंचाई देगा। इसके साथ ही एनसीडीसी जैतीखेड़ा, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नीवा और लतीफनगर कन्या महाविद्यालय जैसी अनेक परियोजनाएं क्षेत्र को शिक्षा, उद्योग, कौशल विकास और आधुनिक संस्थागत ढांचे का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
- सुरक्षित और सक्षम उत्तर प्रदेश को मिलेगी नई मजबूती
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नया भवन राहत, बचाव और आपदा प्रबंधन की संस्थागत क्षमता को और मजबूत करेगा तथा “सुरक्षित और सक्षम उत्तर प्रदेश” के संकल्प को नई ऊर्जा देगा। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में लगातार बड़ी विकास परियोजनाओं का पूरा होना इस बात का प्रमाण है कि जनता से किए गए वादों को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा, “शिलान्यास से लोकार्पण और वादे से परिणाम तक की यह यात्रा ही विकसित सरोजनीनगर और विकसित उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी है।”
