मां हिंगलाज मंदिर क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट, नलजल योजना पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

Lucknow
  • दीपक रिछारिया (ब्यूरो चीफ मध्यप्रदेश)

मां हिंगलाज मंदिर क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट, नलजल योजना पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

छतरपुर। जिला छतरपुर की तहसील बक्सवाहा के ग्राम गढ़ी सेमरा में स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध मां हिंगलाज मंदिर क्षेत्र इन दिनों भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है। भीषण गर्मी के बीच यहां रहने वाले स्थानीय लोग, संत-महात्मा और आसपास की गरीब बस्तियों के परिवार पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मां हिंगलाज मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख स्थल है, जहां वर्षभर धार्मिक आयोजन, सामूहिक विवाह, त्योहार और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, जबकि कई संत और साधु यहां निवास भी करते हैं तथा रात्रि विश्राम के लिए रुकते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रधानमंत्री नलजल योजना की पाइपलाइन क्षेत्र से लगभग 500 मीटर की दूरी से होकर गुजर रही है, लेकिन इसके बावजूद मंदिर परिसर और आसपास रहने वाले लोगों तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि नलजल योजना से जुड़े इंजीनियर नसीम खान एक बार निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद इस दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी। हालांकि स्थानीय लोग अब व्यक्तिगत आरोपों से अधिक अपनी मूल समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धार्मिक स्थल होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं और संतों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि मां हिंगलाज मंदिर परिसर और आसपास की बस्तियों में जल्द से जल्द पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करेगा और क्षेत्र की वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। संवाददाता दीपक रिछारिया ने बताया कि अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।