रामनगरी गुरुवार को एक बार फिर आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के क्षण की साक्षी बनेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना करेंगी। यह कार्यक्रम नव संवत्सर और नवरात्रि के प्रथम दिन पर आयोजित हो रहा है। बताया गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह करीब 11 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेंगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वह राम मंदिर पहुंचेंगी। यहां वह सबसे पहले रामलला के दर्शन, पूजन करेंगी।
मुख्य अनुष्ठान राम मंदिर के द्वितीय तल पर स्थित गर्भगृह में होगा, जहां अभिजित मुहूर्त में ठीक 11:55 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम यंत्र की स्थापना संपन्न होगी। यह स्वर्ण जड़ित यंत्र लगभग चार फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा है, जिसे दो वर्ष पूर्व कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती ने अयोध्या भेजा था।
कार्यक्रम में 300 से अधिक संतों सहित लगभग 7,000 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिक, कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं। कार्यक्रम कोलेकर अफसर बुधवार को तैयारियों में जुटे रहे। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। पूरे शहर में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा है।
मुर्मु के अयोध्या आगमन भव्य बनाने में जुटी योगी सरकार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के गुरुवार को प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन राष्ट्रपति रामनगरी पहुंचेंगी, जहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी और वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह आयोजन मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है।
रामनगरी में व्यापक तैयारियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग समन्वय के साथ दिन-रात व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि राष्ट्रपति के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं के लिए 81 वाटर कूलर और 25 वाटर कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे निःशुल्क पेयजल उपलब्ध कराएंगे। भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों पर अतिरिक्त वाटर टैंकर भी तैनात किए गए हैं। फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान तेज किया गया है। आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, ताकि यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई बाधा न हो।
