रामनगर थाने में तैनात एसआई अखिलेश यादव पर घरेलू विवाद की जांच के दौरान एक महिला से प्रेम प्रसंग शुरू करने और विरोध करने पर उसके पति को लूट-डकैती के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पति की शिकायत पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
रामनगर थाना क्षेत्र के कुम्हारवा निवासी अरुण कुमार ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि करीब एक साल पहले पत्नी से हुए विवाद की शिकायत पर जांच के लिए एसआई अखिलेश यादव उनके घर आए थे। आरोप है कि इसी दौरान दरोगा ने पत्नी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे फोन पर बातचीत शुरू की, जो बाद में प्रेम प्रसंग में बदल गई।
पीड़ित का कहना है कि कई बार दरोगा जबरन पत्नी को कार में बैठाकर ले गया और एक बार घर में अकेले होने पर भी पहुंचा, जहां आपत्तिजनक स्थिति देखी गई। परिवार द्वारा दरोगा के आने-जाने पर रोक लगाने से नाराज होकर उसने 28 जनवरी 2026 को घर पहुंचकर गालियां दीं और पूरे परिवार को डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। वहीं, एसआई अखिलेश यादव ने आरोपों को निराधार बताया है।
उनका कहना है कि महिला ने 27 जनवरी 2026 को थाने में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसकी जांच के सिलसिले में पति को बुलाया गया था। मामले में कथित ऑडियो वायरल होने से पुलिस महकमे में हड़कंप है। सीओ रामनगर गरिमा पंत ने बताया कि सभी पक्षों को बयान के लिए बुलाया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
