श्री अमरापुर दरबार(राज.)के संतों ने किए अयोध्या श्री राम जन्मभूमि के दर्शन

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श्री अमरापुर स्थान जयपुर के संत श्री मोहन लाल जी महाराज (संत मोनूराम जी), इंदौर के संत श्री लालचंद जी सहित श्री अमरापुर संत मंडली ने पवित्र माघ माह में अयोध्या यात्रा प्रवास के दौरान प्रभु श्री राम मंदिर, हनुमान गाढी, कनक भवन, दर्शन व पवित्र सरयू नदी के दर्शन किए ।
यह जानकारी अयोध्या यात्रा में साथ रहे सामाजिक कार्यकर्ता विश्व प्रकाश “रूपन ” ने देते हुए बताया कि प्रभु श्री राम लला के भव्य मंदिर में श्रीरामलला की दिव्य अलौकिक प्रतिमा एवं दिव्य श्रृंगार को देख कर आये सभी पूज्य संत भावविभोर हो गए ,और कई बार श्री राम लला के बाल स्वरूप के दर्शन कर भावुक दिखे।

रामलला के बालरुप के सौंदर्य में भावुक दिखे संत और आनंदमय डुबकी लगा हुए भावविभोर

संत श्री मोहनराम जी ने मंदिर के निर्माण में शामिल सभी एजेंसियों, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ साथ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को सनातन के इस तीर्थ के योजनाबद्ध विकास हेतु आभार व्यक्त किया।
पूज्य श्री अमरापुर स्थान जयपुर राजस्थान से पधारे संतों के साथ आये सभी तीर्थ यात्रियों ने पवित्र सरयू नदी के तट पर घंटों संतो ने पूजा अर्चना कर दान पुण्य स्नान ध्यान कर अपनी साधना किया।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महामंत्री चंपतराय जी की अति व्यस्तता के बीच उनसे भेंट व धर्म चर्चा की इच्छा अधूरी छोड़ वे आगे की यात्रा पर प्रयागराज के लिए रवाना हुए।गौरतलब तथ्य है कि संपूर्ण भारत में जहां श्री प्रेम प्रकाश पंथ के एक सौ तीस आश्रम हैं तो संपूर्ण विश्व के लगभग प्रमुख देशों में भी सनातन संस्कृति की ध्वजा फहरा रहे हैं।प्रयागराज में संपूर्ण माघमाह के दौरान श्री प्रेम प्रकाश आश्रम की ओर से आ रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा,व अन्य आवश्यक प्रबंध करता विशाल कैंप लगाकर जनसामान्य की सेवा की जा रही है।

इस अवसर पर अयोध्या यात्रा में पूज्य संत मोहनराम जी राजस्थान,संत लालचंद जी इंदौर के साथ अयोध्या श्री प्रेम प्रकाश आश्रम के संत महेंद्र दास, संदीप पारवानी, राजकुमार, देवांश ठाकवानी, दीपेश गोगिया रहे।संत मोहन राम जी ने अयोध्या के दिव्य भव्य व अलौकिक दर्शन हेतु प्रभु श्री राम के प्रति कृतज्ञता व मंडल संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुकेश तोलानी व सामाजिक कार्यकर्ता विश्व प्रकाश रूपन के मार्गदर्शन हेतु भी स्नेह प्रकट किया।