प्रदेश में सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति लागू कर विश्वविद्यालयों के सामने लंबी लकीर खींचने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय ने नैक रैकिंग (एनएएसी ए प्लस प्लस) हासिल कर लिया था। अब नए कुलपति प्रो. जेपी सैनी के समझ इसे कायम रखना सबसे बड़ी चुनौती बनने जा रहा है। 6 जुलाई 2022 को नैक ए प्लस-प्लस का ग्रेड हासिल करने के बाद इसके पांच वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। अगले वर्ष नैक मूल्यांकन की अग्नि परीक्षा से विश्वविद्यालय फिर से गुजरने जा रहा है। इसके अलावा एनआइआरएफ रैकिंग बनाए रखना भी नए कुलपति के सामने बड़ी चुनौती होगा। नई शिक्षा नीति लागू करने के बाद विश्वविद्यालय ने जिस प्रकार तेजी से शोध, नवाचार, नए पाठ्यक्रमों और डिजिटल शिक्षा में उपलब्धियां हासिल की है उसे कायम रखना भी कुलपति के लिए बड़ा लक्ष्य साबित होगा।
विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. जेपी सैनी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि के शिक्षाविद रहे प्रो. सैनी को गैर तकनीक विश्वविद्यालय की कमान संभालने को मिली है, जहां विविधताओं के साथ विभागीय चुनौतियां, शोध, प्रोजेक्ट और फंड की कमी आदि को लेकर जूझना होगा। राज्य विश्वविद्यालय होने के कारण विश्वविद्यालय के पास सीमित वित्तीय संसाधन हैं और बुनियादी ढांचे का विकास और आधुनिकीकरण करना होगा। प्रयोगशालाओं में आईटी सुविधाओं का सुधार भी लक्ष्य होगा।
तालमेल और विश्वास बहाली करनी होगी
पिछले कार्यकाल में शिक्षक गुटबाजी ने प्रशासनिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था। इसलिए सभी विभागों में आपसी विश्वास और तालमेल को बेहतर करना होगा। विश्वास बहाल कर एकजुट नेतृत्व स्थापित करना आवश्यक है।
पेटेंट और नवाचार में कमी न हो
विश्विवद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने, शोध व नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ नए पेटेंट हासिल करना, नए प्रोजेक्ट लाना होगा। इसके अलावा उद्योग अकादमिक सहयोग को मजबूत कर छात्रों की प्लेसमेंट दर बढ़ाना को बढ़ाना होगा।
प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करना
लचर प्रशासनिक और अकाउंट व्यवस्था को दुरुस्त करना, शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का आपसी तालमेल, गुटबाजी दूर करना होगा। साथ ही कुलपति को सचेत रहते हुए उन लोगों को चिंहित करना होगा जो सबकुछ अच्छा होने का भ्रम पैदाकर गुमराह करते हैं।
छात्र‑केंद्रित सेवाओं को सुदृढ़ करेंगे : प्रो. सैनी
नव नियुक्त कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि छात्र‑केंद्रित सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। विश्वविद्यालय को नवाचार का हब और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम स्थापित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना ही लक्ष्य है। सबको साथ लेकर कार्य करेंगे।
