अब नहीं खोएगा बच्चों का कोई रिकॉर्ड… APAAR ID से जुड़ेगा स्कूल से लेकर सफलता तक का सफर

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 प्रदेश के सभी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की अपार (आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) आईडी बनाने की प्रक्रिया अब तेज की जा रही है। स्कूल महानिदेशक ने आईडी निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई है। अब इस आईडी को बहुउपयोगी बनाने की योजना है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं।

जिन बच्चों की अपार आईडी अब तक नहीं बनी है, उनके अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाएगी। अपार आईडी प्रत्येक बच्चे को दिया जाने वाला 12 अंकों का यूनिक नंबर है, जिसके प्रयोग से छात्रों का संपूर्ण शैक्षणिक विवरण—जैसे पढ़ाई का रिकार्ड, उपलब्धियां, अंकपत्र और प्रमाणपत्र—स्वचालित रूप से उनके प्रोफाइल में सुरक्षित रहेगा। यह प्रणाली आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने में भी मददगार सिद्ध होगी।

सभी स्कूलों को डेटा शीघ्र अपलोड करना होगा

यू-डायस पोर्टल से मिली रिपोर्ट के अनुसार कई जिलों में अपार आईडी निर्माण अधूरा है। कई स्कूलों ने अभी तक लंबित छात्रों का डेटा अपडेट नहीं किया है। अपार आईडी का निर्माण यू-डायस पोर्टल के माध्यम से ही किया जाना है। सभी स्कूलों को लंबित छात्रों का डेटा तुरंत पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश जारी किए गए हैं।