कच्ची झोपड़ी के स्थान पर, बना पक्का मकान

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गन्ने की फसल से उन्नतशील हो रहे किसान

कोरबा।(www.arya-tv.com) पी.एम.ए.वाई.योजना से गरीब तबके के लोगों को अपना पक्का मकान होने का सपना साकार हो रहा है, उनकी कच्ची झोपड़ी के स्थान पर पक्का मकान बन चुका है, अब उन्हें बरसात में अपना मकान गिरने तथा होने वाली अन्य परेशानियों के होने का डर नही सता रहा। निगम क्षेत्र में मोर जमीन-मोर मकान घटक अंतर्गत 1129 पक्के मकान बनाए जा चुके हैं तथा 735 मकान निर्माणाधीन है।

नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) संचालित है, योजना के मोर जमीन-मोर मकान घटक के अंतर्गत 1129 पक्के मकान बनाए जा चुके हैं, वहीं 735 मकान निर्माणाधीन है, इस योजना के अंतर्गत हितग्राहियों केा अधिकतम 02लाख 28 हजार रूपये तक की राशि प्रदान की जाती है, जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा 01 लाख 50 हजार रूपये एवं राज्य सरकार द्वारा मकान निर्माण की लागत की 25 प्रतिशत की राशि प्रदान की जाती है एवं हितग्राहियों का अंशदान न्यूनतम 87 हजार रूपये है।

इस येाजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाली राशि  कच्ची झोपड़ी में रहने वाले एक गरीब व्यक्ति के लिए किसी वरदान से कम नही है, क्योंकि ये वह लोग हैं जो दैनिक रोजी रोटी पर निर्भर हैं, जिनके लिए स्वयं का खर्च वहन कर पाना तथा परिवार का भरण पोषण करना एक चुनौति है, ऐसी परिस्थिति में पक्के मकान का सपना पूरा होना निश्चित रूप से उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

निगम क्षेत्र में 1129 मकान पूर्ण- योजनांतर्गत नगर पालिक निगम केारबा के विभिन्न वार्डो में 1129 मकानों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जिनमें प्रमुख रूप से वार्ड क्र. 02 में 107 मकान, वार्ड क्र. 03 में 103 मकान, वार्ड क्र. 04 में 57 मकान, वार्ड क्र. 07 में 60 मकान, वार्ड क्र. 29 में 36 मकान, वार्ड क्र. 46 में 47 मकान , वार्ड क्र. 47 में 82 मकान, वार्ड क्र. 60 में 87 मकान,  वार्ड क्र. 63 में 44, वार्ड क्र. 67 में 18 मकान, एवं अन्य वार्डो में पूर्ण हो चुके मकान शामिल हैं, वहीं वर्तमान में 735 आवासगृह निर्माणाधीन है, जिनका निर्माण शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा।

पक्के मकान का सपना पूरा हुआ- वार्ड क्र. 02 निवासी अजीत श्रीवास्तव का कहना है कि पहले मेरे पास झोपड़ीनुमा कच्चा मकान था, पी.एम.ए.वाई. योजना के अंतर्गत मुझे पक्के मकान हेतु नगर निगम द्वारा राशि उपलब्ध कराई गई, अब मेरा स्वयं का पक्का मकान है, मैं एक छोटा व्यवसायी हूं, अब अपने व्यवसाय को बढ़ाने मेरा उद्देश्य है, क्योंकि घर का सपना मेरा पूरा हो चुका है, घर की चिंता अब नहीं रही।

बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाउंगा- वार्ड क्र. 02 के ही निवासी हीरालाल केशरवानी का कहना है कि पक्का मकान होने का मैं सपना देखता था तथा इसके लिए पैसे की बचत कर मकान निर्माण की योजना बना रहा था, इसी बीच मुझे पी.एम.ए.वाई.योजनांतर्गत मकान निर्माण हेतु राशि मिली, अब मेरा पक्का मकान है, मेरे पास बचत के रूप में जो राशि जमा है, उससे मैं बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाउंगा, क्योंकि अब पक्का मकान बनाने की चिंता मुझे नहीं रही।

मकान मरम्मत की चिंता से मुक्ति मिली- वार्ड क्र. 29 के निवासी जीवराखन ठाकुर कहते है कि पहले मेरा कच्चा मकान था, जिसकी प्रतिवर्ष मरम्मत करानी होती थी, इसके बावजूद भी बरसात के समय अनेक परेशानियां होती थी। पी.एम.ए.वाई.योजनंातर्गत मुझे पक्का मकान बनाने हेतु राशि उपलब्ध कराई गई, आज मेरा अपना स्वयं का पक्का मकान है, अब मुझे अपने मकान की प्रतिवर्ष मरम्मत कराने की चिंता नहीं रही, मैं एक मैकेनिक हूं, कम आमदनी में घर खर्च चलाना मुश्किल होता है, पक्का मकान मेरा सपना था, आज मेरा सपना पूरा हो चुका है।

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