मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तेज़ी से विकास के पथ पर अग्रसर है और देश–विदेश के निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। वह मंगलवार को लोक भवन स्थित मुख्य सचिव कार्यालय कक्ष के सभागार में 2025 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट के दौरान बोल रहे थे।
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बीते वर्षों में प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक शहरी ढांचे के विकास से उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका परिणाम यह है कि अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी प्रदेश की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। नए मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और आम जनता तक पहुंच में बड़ा सुधार आया है। इससे न केवल प्रदेशवासियों को बेहतर उपचार मिल रहा है, बल्कि मेडिकल टूरिज्म की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
आईएफएस प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि उन्हें राष्ट्र की सेवा करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के हितों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। उन्होंने निर्देशित किया कि अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करें। साथ ही, जहां भी उन्हें अवसर मिले, वहां उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, निवेश संभावनाओं और सकारात्मक बदलावों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की छवि और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी देश के “वैश्विक दूत” होते हैं और उनकी भूमिका केवल कूटनीति तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे भारत की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक उपलब्धियों को दुनिया तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों प्रशांत सिंह, रोहित सिंघल, आकाश श्रीवास्तव, प्रियांशु मिश्रा, देवांशी सक्सेना और दमनप्रीत अरोरा—ने प्रदेश की विकास यात्रा और प्रशासनिक अनुभवों को जानने में गहरी रुचि दिखाई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एस.वी.एस. रंगाराव, सचिव मुख्यमंत्री सूर्यपाल गंगवार तथा उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण प्रथमेश कुमार भी उपस्थित रहे।
