लखनऊः उत्तर प्रदेश में कड़ाके की सर्दी ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा रखी है और राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का असर जारी रहेगा, जिससे गंगा के मैदानी क्षेत्रों में गलन और बढ़ेगी। इस बार सर्दी असामान्य रूप से लंबी चल सकती है और मार्च तक अपना असर दिखा सकती है। इसका बड़ा कारण प्रशांत महासागर में सक्रिय ला नीना की स्थिति है, जो ठंड को और तीव्र बना रही है
ला नीना का पुराना रिकॉर्ड
विशेषज्ञों का कहना है कि 2013 में भी ला नीना के कारण ठंड लंबे समय तक बनी रही थी। फिलहाल जनवरी में भी यह प्रभाव मजबूत है, जिससे आने वाले हफ्तों में तापमान और नीचे जा सकता है।
वर्तमान तापमान (लखनऊ के आसपास):
– अधिकतम: 15.4 डिग्री सेल्सियस
– न्यूनतम: 5.6 डिग्री सेल्सियस
कोहरे और नमी का डबल अटैक
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से लगातार नमी यूपी की ओर आ रही है। इससे रात में ऊंचे बादल छाएंगे और सुबह-शाम घना कोहरा छाने की संभावना है। दिन में धूप निकलेगी, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण राहत नहीं मिलेगी। अच्छी बात यह है कि बारिश के आसार फिलहाल नहीं हैं।
हवाओं और तापमान का पूर्वानुमान
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार रात में हवा की रफ्तार 50-70 किमी/घंटा तक हो सकती है। दिन में 30-40 किमी/घंटा रहेगी। तापमान में और गिरावट की आशंका बनी हुई है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि फसलों को ठंड से बचाने के लिए खेतों में हल्की सिंचाई करें। इससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी और पाले का असर कम होगा।
