यूपी के स्वास्थ्य क्षेत्र को बूस्टर डोज: बजट में लखनऊ के मेडिकल संस्थानों को 55,820, आयुर्वेद,होम्योपैथी व यूनानी पद्धति को 2,867 करोड़

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 उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रूपए से अधिक का बजट पेश किया। इस बजट में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 55,820 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के कुल बजट का लगभग 6.1 प्रतिशत है। इसे अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य आवंटन माना जा रहा है। इसमें आयुष सेवाओं में आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी के विस्तार के लिए 2,867 करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।

बजट में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रभावी रूप से लागू है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को कैशलेस प्रसव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। इससे जन्मजात बीमारियों, कुपोषण और अन्य रोगों की समय रहते पहचान संभव हो रही है।

टीकाकरण और रोग नियंत्रण में प्रगति

8 दिसंबर 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान के तहत अब तक 3.28 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा चुकी है। जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए 42 संवेदनशील जनपदों में नियमित टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों और निगरानी की व्यवस्था की गई है। संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल को और मजबूत किया गया है, जहां 16 संक्रामक रोगों और 6 टीकाकरण योग्य बीमारियों की नियमित रिपोर्टिंग हो रही है।

आयुष्मान और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती

गरीब और मध्यम वर्ग को महंगे इलाज से राहत देने के लिए आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी संचालन हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 49.22 लाख लाभार्थी परिवार इस योजना से जुड़े हैं। साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी 75 जनपदों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। बजट में इसे और प्रभावी बनाने का प्रावधान किया गया है, ताकि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और उपचार सुविधाएं सुलभ हो सकें।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बल

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 8,641 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे दूरदराज और पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होगा।