लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल को आपत्तियों के साथ वापस कर दिया है। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने पात्रता और प्रक्रिया संबंधी मानकों के पालन पर सवाल उठाते हुए फाइल को संशोधन के लिए लौटाया है।
बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने हाल ही में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे थे लेकिन आयोग की आपत्तियों के कारण अब यह प्रक्रिया फिलहाल ठप हो गई है, जिससे नियुक्ति में और देरी तय मानी जा रही है।
इस घटनाक्रम के साथ ही उत्तर प्रदेश में नियमित डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार चार साल से अधिक लंबा हो गया है। मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं और संशोधित पैनल में उनके नाम पर फिर विचार किया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार यूपीएससी की आपत्तियों को दूर करते हुए प्रस्ताव में संशोधन करेगी और जल्द ही नई सूची दोबारा भेजेगी। अंतिम नियुक्ति यूपीएससी द्वारा अनुमोदित पैनल में से राज्य सरकार के चयन के बाद ही की जाएगी।
