यूपी बजट सत्र : इन्वेस्टर समिट से औद्योगिक विकास को मिली रफ्तार, बोले मंत्री नन्दी- धरातल पर उतरीं 16,478 परियोजनाएं

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 के दूसरे दिन मंगलवार को औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विधान परिषद में सदस्यों द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्नों के उत्तर देते हुए राज्य की औद्योगिक प्रगति और निवेश उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। नन्दी ने बताया कि वर्ष 2018 में आयोजित इन्वेस्टर समिट में 1,045 औद्योगिक इकाइयों द्वारा 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

वहीं, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 में 19,250 इकाइयों ने 33.50 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से व्यापक कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि जीबीसी-1 में 61,792 करोड़ रुपये की 81 परियोजनाएं, जीबीसी-2 में 67,202 करोड़ रुपये की 290 परियोजनाएं, जीबीसी-3 में 80,224 करोड़ रुपये की 1,406 परियोजनाएं तथा जीबीसी-4 में 10,01,056 करोड़ रुपये की 14,701 परियोजनाओं की ग्राउंडिंग की गई।

इस प्रकार अब तक कुल 16,478 औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं, जिनसे लगभग 12.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश साकार हुआ है। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक विधान परिषद सदस्य डॉ. मान सिंह यादव तथा वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में नन्दी ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ी जानकारी भी साझा की।

उन्होंने बताया कि जनपद कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के चैनेज 196.9 से 197.30 के मध्य छूटी हुई सर्विस लेन के निर्माण के लिए भूमि अब उपलब्ध हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत है। इसी बजट में हुई बचत से सर्विस लेन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और अनुबंध के बाद नौ माह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।