उत्तर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प हम मिलकर पूरा करेंगे: डॉ० पिंकी जोवल

Lucknow
  • उत्तर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प हम मिलकर पूरा करेंगे: डॉ० पिंकी जोवल
  • उच्च स्तरीय बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (10-28 फरवरी) के अंतर्गत अपेक्षा कृत कम प्रगति वाले 15 प्लानिंग यूनिट की हुई विशेष समीक्षा 
  • फाइलेरिया है लाइलाज, दवा सेवन ही एक मात्र उपाय

लखनऊ, 26 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश को फाइलेरिया (हाथी पांव) एवं पुरूषों में हाइड्रोसील से मुक्त किए जाने हेतु फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (10 से 28 फरवरी 2026) 21 जनपदों के 64 प्लानिंग यूनिट में संचालित है। अभियान के महत्व के दृष्टिगत प्रदेश स्तर पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उ०प्र० द्वारा इसका नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक डॉ० पिंकी जोवल (आई०ए०एस०) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें उन 15 प्लानिंग यूनिट में अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई, जहां लक्ष्य के अनुरूप अब तक परिणाम प्राप्त नहीं हुए। इस महत्त्वपूर्ण बैठक में राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ ही संबंधित जनपद शाहजहांपुर उन्नाव, बाराबंकी एवं बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक एवं संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ० पिंकी जोवल ने अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन भारत सरकार के साथ ही प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और प्रदेश सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वजन दवा सेवन (Mass Drug Administration – MDA) कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति द्वारा सेवन, सुनिश्चित कराया जाए।

मिशन निदेशक ने कहा कि जिन क्षेत्रों में दवा सेवन की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहाँ विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य को पूरा किया जाए। रमजान के महीने के दृष्टिगत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा सायंकालीन भ्रमण, रोजा इफ्तार उपरांत सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने दवा खाने से इन्कार करने वाले लाभार्थियों को “इस बीमारी के लाइलाज होने” व “दवा सेवन ही एकमात्र बचाव” के महत्व को समझाते हुए उन्हें दवा का सेवन कराया जाना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य लाभार्थियों की शत्-प्रतिशत लाइन लिस्टिंग सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

डॉ० जोवल ने यह भी स्पष्ट किया कि आशा कार्यकर्ताओं एवं फ्रंटलाइन स्वास्थ्य टीमों की सक्रिय एवं सुनियोजित भागीदारी इस अभियान की सफलता की आधारशिला है। उन्होंने ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने, लाभार्थियों को दवा खिलाते समय उचित प्रोटोकॉल का पालन करने और किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की भी बात कही।

डॉ० जोवल ने कहा कि अभियान की समाप्ति तक (28 फरवरी 2026) सभी जनपद अपने निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करें। फाइलेरिया रोग की गंभीरता के दृष्टिगत मिशन निदेशक महोदया ने जन सामान्य से अपील की है कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सामने ही दवाओं का स्वेच्छा से सेवन कर अपने परिवार व आस-पड़ोस के व्यक्तियों को इसके महत्व को समझाते हुए दवा सेवन हेतु प्रोत्साहित करें।