इच्छापूर्ति कंपनी में फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर व्यापारी से 20 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पैसा देने के बाद कंपनी ने बात करना बंद कर दिया। जिसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। कोतवाली पुलिस ने नई दिल्ली के इन्द्रपुरी निवासी 8 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
मठ की चौकी आलमगिरीगंज निवासी पुलक गुप्ता ने बताया कि 2021 में उसे इच्छापूर्ति कंपनी के बारे में अखबार में निकले विज्ञापन के माध्यम से जानकारी हुई। उसने विज्ञापन में दिए नंबर पर कॉल तो कंपनी के स्थानीय कर्मचारी विवेक उसके पास आए।
विवेक ने बताया कि कंपनी कई सौ करोड़ रुपये के फ्रंटलाईन एनसीआर बिजनेस सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड जिसे फ्रंटलाईन ग्रुप के नाम से जाना जाता है। अगर इच्छापूर्ति कंपनी में निवेश करेंगे तो अच्छा लाभ होगा। अगर वह सुपर फ्रेंचाइजी बनता है तो उसे अपने स्टोर का किराया, बिजली बिल के अतिरिक्त प्रतिमाह लगभग 6 लाख रुपये का कमीशन मिलेगा।
सभी लाभ पाने के लिए 20 लाख रुपये निवेश करने को कहा। जिसके बाद पीड़ित ने 10 सितंबर 2021 को 10 लाख रुपये और 29 अक्टूबर 2021 को 10 लाख रुपये दे दिए। पैसा मिलते ही कंपनी के अधिकारियों के सुर बदल गए। न तो तय समय पर कोई सामान भेजा गया न ही वादे के मुताबिक किराया या कमीशन मिला बार-बार संपर्क करने पर टालमटोल और बहानेबाजी शुरू हो गई, यहीं से पुलक को ठगी का शक हुआ। कोतवाली पुलिस ने नई दिल्ली के इन्द्रपुरी निवासी संजय सिन्हा, पुष्पेश सिन्हा, सोनिया सिन्हा, आदित्य सिन्हा, विजय कुमार शर्मा, अमित, विशाल कमल, वैदयनाथ गोस्वामी समेत अन्य अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है।
4000 निवेशक, 80 करोड़ तक की ठगी का आरोप
पीड़ित ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने देशभर में करीब 4000 लोगों से सिक्योरिटी डिपॉजिट और मेंबरशिप के नाम पर 60 से 80 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। ठगी के लिए फर्जी इनवॉइस,फर्जी वर्क ऑर्डर, रिश्तेदारों की कंपनियों को ऊंचे दामों पर ठेके दिखाकर निवेश की गई रकम का गबन किया गया। आरोप है कि जुलाई 2021 में जब पुरानी कंपनियां जांच के घेरे में आईं, तो इस गैंग ने इच्छापूर्ति नाम से नई कंपनी बनाकर ठगी जारी रखी। इसकी जिम्मेदारी बैद्यनाथ गोस्वामी को सौंपी गई।
