हाउस टैक्स, सीवर व जल कर का एक बिल जारी करने की व्यवस्था एक जनवरी से लागू नहीं हो पाई। इसमें जलकल विभाग में तकनीकी दिक्कतों का पेंच फंस गया। दरअसल, ट्रायल के दौरान जलकल विभाग द्वारा ऑनलाइन भुगतान लेने में समस्या आ रही है। नई व्यवस्था के तहत नगर निगम भवन स्वामियों को हाउस टैक्स के साथ सीवर व जल कर का भी बिल एक साथ भेजेगा। जलकल विभाग सीवर व जल कर के साथ हाउस टैक्स का बिल एक साथ भेज सकेगा। भवन स्वामी कहीं भी एक साथ हाउस टैक्स और सीवर व जल कर जमा कर सकेंगे। इससे उन्हें नगर निगम और जलकल विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नगर निगम के रिकार्ड में करीब 7.5 लाख भवन स्वामी हाउस टैक्स के दायरे में आते हैं। इनमें से करीब 5.5 लाख भवन स्वामी ही हाउस टैक्स जमा करते हैं। वहीं जलकल विभाग के दायरे में करीब 5.5 लाख भवन स्वामी हैं। हाउस टैक्स के लिए नगर निगम और सीवर व जल कर के लिए जलकल विभाग बिल जारी करने के साथ भवन स्वामियों तक पहुंचाते हैं। नई व्यवस्था लागू होने से नगर निगम और जलकल विभाग का समय तो बचेगा ही कर्मचारी भी कम लगाने पड़ेंगे।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि नगर निगम ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। जलकल विभाग में तकनीकी दिक्कत के कारण यह व्यवस्था अभी शुरू नहीं हो पाई है। जलकल विभाग में ट्रायल के दौरान भवन स्वामियों से ऑनलाइन पेमेंट लेने में समस्या आ रही है। यह समस्या दूर होते ही एक साथ गृहकर और सीवर व जल कर के बिल जारी किए जाएंगे।
