नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) रेगुलेशन पर रोक लगा दी है, जिसे 23 जनवरी, 2026 को नोटिफाई किया गया था। इसे कई याचिकाकर्ताओं ने मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट, 1956 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने यूजीसी के विनियमन के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि भारत की एकता हमारे शैक्षणिक संस्थानों में झलकनी चाहिए। यूजीसी विनियमन के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा, ”हम शैक्षणिक संस्थानों में स्वतंत्र, न्यायसंगत और समावेशी वातावरण चाहते हैं” ।अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ज्योमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि ये नए नियम साफ नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए, कोर्ट ने इन नियमों पर तुरंत रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि 2012 में जो नियम थे, वही अब फिर से लागू होंगे। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है।
