लखनऊ विकास प्राधिकरण का हुसैनाबाद में बनकर तैयार हुआ लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट 1 मार्च को लोकार्पण के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में म्यूजियम अवध की संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। यह प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग है, जहां बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर निर्मित किया है। जो दर्शकों को खास आकर्षित करेगी। बुधवार को उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नवनिर्मित म्यूजियम का निरीक्षण किया।
संग्रहालय की संरचना, प्रदर्शनी दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं का जायजा लिया। बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से म्यूजियम बनाया है। 41.43 करोड़ रुपये लागत आई है। म्यूजियम भवन की आकर्षक डिजाइन इस इमारत को एक अलग पहचान देती है। म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला, शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इतिहास से जोड़ेगा वीआर गेमिंग एरीना
एलडीए ने म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया है। म्यूजियम में विभिन्न तरह की गैलरी विकसित की है। इनके नाम ‘मूल धारा, हुनर का सफर, हस्तशिल्प, सांझी आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, कारीगरी, महफिल-ए-अवध, नृत्यकला, नाट्यशाला, सोच एवं संवाद और जायका-ए-अवध रखे हैं। इन गैलरी के माध्यम से अवध की संस्कृति को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।
