हाईकोर्ट द्वारा प्रतिबंध और सीएम योगी आदित्यनाथ के एक्शन के बाद भी राजधानी में मांझे से होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। चरक ओवरब्रिज पर बुधवार सुबह ड्यूटी पर जा रहे केजीएमयू के जूनियर रेजिडेंट के चेहरे पर चाइनीज मांझा फंस गया। ब्रेक मारा लेकिन तब तक मांझे की धार से आंख और नाक पर कट लग गया। खून से लथपथ डॉक्टर केजीएमयू पहुंचे और इलाज कराया। वहीं, डीएवी ओवरब्रिज पर मांझे से स्कूटी सवार किशोरी घायल हो गयी।
मूल रूप से जौनपुर निवासी जूनियर रेजिडेंट दीपक गुप्ता केजीएमयू के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग में हैं। वह यहां डालीगंज के नबी उल्लाह रोड जवाहर नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। डॉ. दीपक की ड्यूटी सरोजनीनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगी थी। बुधवार सुबह वे नक्खास ओवर ब्रिज से सरोजनीनगर जा रहे थे। जैसे ही वे चरक ओवरब्रिज के ऊपर पहुंचे, तभी एक मांझा उनके मुंह पर आ गया। हेल्मेट पहने दीपक ने मांझा देख ब्रेक मारा, जिससे बाइक स्लिप हुई। लेकिन वे गिरने से बच बए। हेल्मेट उतारा तो नाक और आंख के पास मांझे की धार से वे खून से लथपथ हो गए।
घटना देख राहगीर मदद के लिए दौड़े। मुंह पर रूमाल लपेटकर किसी तरह वे केजीएमयू पहुंचे और इलाज कराया। केजीएमयू के सीएमएस डा. प्रेमराज सिंह ने बताया कि मांझे से जूनियर रेजिडेंट दीपक गुप्ता घायल हुए थे। उनका इलाज किया गया है। वहीं, चौक इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने घटना की जानकारी से इंकार किया है। उनका कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, डीएवी कॉलेज के पास वाले ओवरब्रिज पर बुधवार दोपहर स्कूटी से मां संग जा रही किशोरी मांझे से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि मांझा सीधा उसके गले पर आ रहा था। सूझबूझ दिखाते हुए उसने हाथ से उसे हटाने की कोशिश किया। इस कोशिश में उसके हाथ पर गहरा जख्म लग गया। राहगीरों ने हाथ में कपड़ा लपेटा। जिसके बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल चले गए।
