बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) का निर्माण शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और शिक्षण पद्धतियों को बेहतर बनाने के लिए किया गया था। लेकिन लखनऊ जिले में कई शिक्षक अधिकारियों से सांठगांठ करके बीआरसी पर आराम फरमाने के लिए लंबे समय से जमे हुए हैं। कुछ शिक्षक तो 10 से 15 सालों से यहां कार्यरत हैं, जबकि प्रदेश सरकार का आदेश है कि संबद्धीकरण अवधि पूरी होने पर कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाए।शिक्षा निदेशालय के आदेश के बावजूद ऐसे लंबे समय से जमे कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि इन्हें हटाया जाए तो बीआरसी में भ्रष्टाचार के लगभग 90 प्रतिशत मामलों को रोका जा सकता है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नवंबर में 13 शिक्षकों के संबद्धीकरण को लेकर निदेशक बेसिक शिक्षा को पत्र लिखा था। सवाल यह उठता है कि जहां शासन ने संबद्धीकरण निरस्त करने के आदेश दिए हैं, वहीं इन शिक्षकों के लिए आदेश जारी किए जा रहे हैं।
बीआरसी बीकेटी, काकोरी, चिनहट, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, माल, मलिहाबाद और गोसाईगंज में कुल 13 शिक्षक अपने मूल विद्यालय की जगह इन केंद्रों पर वर्षों से कार्यरत हैं।
