OTS योजना में सरचार्ज, लोड के नाम पर बढ़ रहा बिल… पंजीकरण और जमा के खेल में पिस रहे उपभोक्ता

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उप्र पावर कारपोरेशन की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में शहर के उपभोक्ताओं के साथ छल किया जा रहा है। पंजीकरण के समय कम बकाया बताया जाता है और भुगतान के समय सरचार्ज, लोड बढ़ने और शमन शुल्क जोड़कर बिल को दोगुना तक कर दिया जा रहा है। इससे ओटीएस में पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ता परेशान हैं।

बीकेटी के जीवीआरए उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता नगमा के पति नफीस ने ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया था। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख रुपये बिल बकाया था। ओटीएस में पंजीकरण के बाद मीटर जांच कर विभाग ने 55 हजार रुपये का बिल बनाया। इसमें 15 हजार रुपये पंजीकरण के समय जमा कराया गया। इसके बाद शेष राशि जमा करने कैश काउंटर पर पहुंचे तो 65 हजार रुपये बकाया बताया गया। कर्मचारियों ने लोड अधिक और शमन शुल्क जोड़ने की बात कही, जबकि ऑनलाइन बिल कुछ और दिख रहा था।

सरोजनीनगर निवासी करन सिंह ने बताया कि 82 हजार रुपये से अधिक का बिल बकाया था। ओटीएस में पंजीकरण के बाद 60 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। बकाया जमा करने पहुंचे तो कैश काउंटर पर बकाया 68 हजार रुपये बताया गया। कर्मचारियों ने मीटर चार्ज जोड़ने की जानकारी देकर छूट के लिए अलग से संपर्क करने को कहा। पंजीकरण के बाद चिनहट, जानकीपुरम, चौक, सरोजनीनगर, गोमतीनगर विस्तार, तेलीबाग, मौलवीगंज, डालीगंज, और अमीनाबाद डिवीजन कार्यालयों पर बकाया जमा करने पहुंचे कई उपभोक्ताओं को इसी तरह बकाया बढ़ाकर बताया गया। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। उनका कहना है कि, पंजीकरण के समय स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

उपभोक्ता शिकायत लेकर उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते हैं तो उन्हें फिर से बाबुओं के पास भेज दिया जा रहा है। कर्मचारी कैश काउंटर पर भुगतान की हिदायत देकर मामले को आगे बढ़ा रहे हैं। उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य अभियंता ट्रांसगोमती वीपी सिंह ने कहा कि पंजीकरण के समय उपभोक्ता को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। यदि कोई कर्मचारी किसी उपभोक्ता के बिल में गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।