चिप से रखी जाएगी आवारा कुत्तों पर नजर… स्कैन करते ही डॉग की तुरंत हो जाएगी पहचान, पशु कल्याण विभाग ने तय किया ये लक्ष्य

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शहर में आवरा कुत्तों (स्ट्रीट डॉग) की तेजी से बढ़ती आबादी पर नगर निगम का पशु कल्याण विभाग चिप से नजर रखेगा। अगले वित्तीय वर्ष में करीब 10,000 कुत्तों को चिप लगाने का लक्ष्य है। चिप को स्कैन करते ही कुत्ते की पहचान हो जाएगी। उसके टीकाकरण और नसबंदी की जानकारी भी मिल जाएगी। यह भी पता चल जाएगा कि कुत्ता कितने लोगों को काट चुका है। अगले वित्तीय वर्ष के अप्रैल से पशु कल्याण विभाग चिप लगाने का काम शुरू करेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया में है। अगले महीने फर्म तय हो जाने के बाद काम शुरू कर देगी।

नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि चिप चावल के दाने की तरह होगी। इसे इंजेक्शन से कुत्ते के शरीर में इन्प्लांट कर दिया जाएगा। इस चिप में कुत्ते का डेटा सुरक्षित रहेगा। नसबंदी के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से कुत्ते पकड़ने के दौरान एबीसी सेंटर में चिप इन्प्लांट कर दी जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.30 लाख आवारा कुत्ते हैं। ये लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। अब नगर निगम का पशु कल्याण विभाग इनकी पहचान के लिए डाटा तैयार करने जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में रह रहे आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण करके इनमें चिप लगा दी जाएगी। चिप में कुत्तों का एरिया, नसबंदी और टीकाकरण का विवरण और लोगों को काटने की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे पशु कल्याण विभाग की टीम आवारा कुत्तों की आसानी से पहचान कर सकेगी।