यूपी बोर्ड परीक्षा में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए बोर्ड ने क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया है जो हर समय सोशल मीडिया पर नजर रखेगी। साथ ही परीक्षा में नकल रोकने, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाही के लिए फौरन कार्रवाई करेगी। उल्लेखनीय है कि यूपी बोर्ड-2026 की परीक्षाएं आगामी 18 अप्रैल से प्रदेश भर में प्रारंभ होने जा रही हैं। जिसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य व जिला स्तर पर क्विक रिस्पांस टीमें (क्यूआरटी) बनाई गई हैं। जो प्रश्नपत्रों और कापियों की सुरक्षा को लेकर दिन या रात कभी भी स्ट्रांग रूम का औचक निरीक्षण करेंगी। इसके अलावा परीक्षा को लेकर एसटीएफ की टीमें भी सक्रिय रहेंगी।
लखनऊ में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए कुल 121 केंद्र बनाए गए हैं जबकि प्रदेश स्तर पर परीक्षा केंद्रों की संख्या 8033 हैं। ऐसे में नकल के साथ-साथ पर्चा लीक कराने वाले नकल माफिया व सोशल मीडिया पर पर्चा लीक की भ्रामक सूचना डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर कहीं कोई अफवाह व पर्चा लीक होने की खबर सामने आती है, तो क्यूआरटी समय रहते नियंत्रण करेगी। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित किया जाएगा कोई नेटवर्क है तो उसे ध्वस्त करने में क्यूआरटी और एसटीएफ मिलकर कार्य करेंगे।
जिला और मंडल पर होंगे पर्यवेक्षक
बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए मंडल व जिलों में एक-एक पर्यवेक्षक तैनात किए जा रहे हैं। लखनऊ में संयुक्त शिक्षा निदेशक विवेक नौटियाल को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों को लेकर विशेष सतर्कता भी बरती जा रही है।
सीसीटीवी से होगी निगरानी
परीक्षा केंद्रों पर 24×7 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रश्नपत्रों व उत्तर पुस्तिकाओं की स्ट्रांग रूम से निकासी भी कैमरे के अधीन की जाएगी। राज्य स्तरीय निगरानी कक्षों के माध्यम से हर परीक्षा कक्ष का लाइव ऑडियो-वीडियो फीड जिला तथा मुख्यालय तक भेजा जाएगा, जिससे अत्यधिक निगरानी हो सके।
