महंगे होंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप: AI की भूख ने बिगाड़ा मेमोरी चिप का बजट, 70% तक बढ़ सकते हैं दाम

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(www.arya-tv.com) 

अभिषेक राय 

दुनिया भर में मेमोरी चिप्स की कीमतें आने वाले समय में तेजी से बढ़ सकती हैं। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) में मेमोरी प्राइस में हाई डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिलेगी। इसकी सबसे बड़ी वजह चिप कंपनियों का फोकस कंज्यूमर डिवाइस के बजाय AI सर्वर प्रोडक्शन पर शिफ्ट होना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK hynix इस तिमाही में सर्वर मेमोरी की कीमतों में 70% तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। कोरिया इकोनॉमिक डेली की रिपोर्ट बताती है कि अगर यह बढ़ोतरी 2025 में हुई करीब 50% की वृद्धि के साथ जुड़ती है, तो 2026 के मध्य तक मेमोरी की कीमतें लगभग दोगुनी हो सकती हैं।
सैमसंग, SK hynix और अमेरिका की माइक्रोन मिलकर ग्लोबल मेमोरी प्रोडक्शन पर सबसे ज्यादा नियंत्रण रखते हैं। ये कंपनियां अब अपनी एडवांस मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को हाई-मार्जिन सर्वर DRAM और HBM (High Bandwidth Memory) चिप्स की ओर मोड़ रही हैं, जो AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी हैं। इसका सीधा असर पीसी और स्मार्टफोन जैसे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के लिए मिलने वाली मेमोरी सप्लाई पर पड़ रहा है।
ताइवान की मार्केट रिसर्च फर्म ट्रेंडफोर्स के अनुसार, सामान्य DRAM की कीमतें एक ही तिमाही में 55–60% तक बढ़ चुकी हैं। सर्वर मेमोरी की सप्लाई भी दबाव में है, क्योंकि सप्लायर इन्वेंट्री घट रही है और शिपमेंट ग्रोथ पूरी तरह वेफर प्रोडक्शन बढ़ने पर निर्भर है। ट्रेंडफोर्स का अनुमान है कि Q1 2026 में सर्वर DRAM की कीमतें 60% से ज्यादा बढ़ सकती हैं।
AI की बढ़ती मांग इस संकट की जड़ है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा, ओपनएआई और अमेजन जैसे हाइपरस्केलर्स बड़े पैमाने पर AI सर्वर में निवेश कर रहे हैं। इससे सिलिकॉन वेफर का इस्तेमाल स्थायी रूप से कंज्यूमर डिवाइस से हटकर AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर जा रहा है, जिससे आम मेमोरी मॉड्यूल की उपलब्धता कम हो रही है।
IDC के मुताबिक, इस साल DRAM और NAND की सप्लाई ग्रोथ क्रमशः सिर्फ 16% और 17% रहने की उम्मीद है, जो ऐतिहासिक औसत से काफी कम है। वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि मेमोरी चिप कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। पिछले साल माइक्रोन के शेयर 240% तक चढ़े, सैमसंग के शेयर दोगुने हुए और SK hynix का मार्केट कैप लगभग चार गुना बढ़ गया।
हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश से पैदा हुई यह महंगाई सिर्फ टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।