लखनऊ, अमृत विचार: योगी सरकार ने सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए टैक्स व्यवस्था को सीधे जनहित से जोड़ने का नया मॉडल लागू किया है। इस नीति के तहत अब राजस्व केवल संग्रह का माध्यम नहीं, बल्कि एक तय उद्देश्य के साथ खर्च किया जा रहा है। यानी जनता से जो पैसा आता है, वह किस क्षेत्र में खर्च हो रहा है, यह पूरी तरह स्पष्ट किया जा रहा है।
सरकार की इस पहल से आम नागरिक अब आसानी से समझ सकता है कि उसका दिया गया टैक्स किस काम में उपयोग हो रहा है। यह पारदर्शिता न केवल भरोसा बढ़ा रही है, बल्कि विकास योजनाओं को भी अधिक प्रभावी बना रही है। राज्य सरकार का मानना है कि स्पष्ट नीति और लक्ष्य आधारित खर्च से समाज, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत तीनों को एक साथ मजबूती दी जा सकती है।
इस मॉडल का एक प्रमुख उदाहरण गो कल्याण सेस है। आबकारी राजस्व पर लगाए गए 0.5 प्रतिशत के इस सेस से राज्य को सैकड़ों करोड़ रुपये प्राप्त हो रहे हैं, जिन्हें सीधे निराश्रित गोवंश की देखभाल में खर्च किया जा रहा है। प्रदेश के गोवंश आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए भोजन, आवास और उपचार की सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इससे किसानों को भी राहत मिल रही है। सरकार ने “जिस सेक्टर से राजस्व, उसी सेक्टर में निवेश” की नीति को भी लागू किया है। इसके तहत स्टाम्प ड्यूटी से मिलने वाले राजस्व को धार्मिक और पर्यटन परियोजनाओं, खनन से प्राप्त आय को सिंचाई व जल प्रबंधन, एक्सप्रेसवे टोल को ग्रामीण सड़कों और कनेक्टिविटी तथा मंडी शुल्क को किसानों की योजनाओं में लगाया जा रहा है। इससे विकास का लाभ सीधे संबंधित क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।
नई वित्तीय नीति की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है। अब टैक्स का उपयोग अस्पष्ट नहीं है, बल्कि स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इससे सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति आई है। प्रदेश सरकार 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए सड़क, सिंचाई, लॉजिस्टिक्स, उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में पूंजीगत निवेश लगातार बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनकर उभर रहा है।
कैसे काम कर रहा मॉडल
• टैक्स को तय उद्देश्य से जोड़ा गया
• “जहां से राजस्व, वहीं खर्च” की नीति
• गो कल्याण सेस से पशु संरक्षण
• टोल से सड़क, स्टाम्प से पर्यटन विकास
• पारदर्शिता से जनता का भरोसा बढ़ा
बॉक्स : किन क्षेत्रों को मिला सीधा लाभ
• गोवंश संरक्षण और आश्रय स्थल
• ग्रामीण सड़क और कनेक्टिविटी
• सिंचाई व जल प्रबंधन
• धार्मिक व पर्यटन विकास
• किसान कल्याण और फसल सुरक्षा
