(www.arya-tv.com) हरदोई। उप्र लेखपाल संघ के आह्वान पर मांगों के समर्थन में जिले के लेखपालों ने कलमबंद हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी कार्यबहिष्कार जारी रखा। तहसील मुख्यालय पर विरोध नारेबाजी कर सभा की। पदाधिकारियों ने कहा कि शासन स्तर पर सहमति के बाद शासनादेश जारी न होने से लेखपालों में आक्रोश बढ़ रहा है।
उप्र लेखपाल संघ की उप शाखा सदर तहसील इकाई के बैनर तले बुधवार को लेखपाल और पदाधिकारी तहसील परिसर में एकत्र हुए। मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर सभा की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पेंशन विसंगति, मोटरसाइकिल भत्ता, पदोन्नति आदि मांगों का सहमति के बाद भी शासनादेश जारी न होने से संवर्ग हक मारा जा रहा है। शासन एवं राजस्व परिषद लेखपालों पर कार्यों का दबाव तो बढ़ा रहा है और रिक्त पदों पर भर्ती के नाम पर कन्नी काटी जा रही है।
श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार लेखपाल संवर्ग की जायज मांगों पर विचार नहीं कर रही है। जबकि दूसरे विभागों के काम भी लेखपालों से ही लिए जा रहे हैं। राजीव लोचन पंत ने कहा कि सरकार को अतिशीघ्र मांगों के संदर्भ में शासनादेश जारी कर कर्मचारी विरोधी छवि में सुधार करना चाहिए।
राकेश कुमार, केके श्रीवास्तव, कमलेश शास्त्री, वेदप्रकाश अग्निहोत्री, सुशील श्रीवास्तव, आदेश द्विवेदी महेश चंद्र श्रीवास्तव आदि ने विचार व्यक्ति किए। सभा में जिलाध्यक्ष सुनील यादव, ज्ञान प्रकाश वर्मा, प्रांतीय संगठन मंत्री मध्य क्षेत्र मनोज त्रिपाठी, ललित कुमार आदि लेखपाल शामिल रहे। संचालन तहसील मंत्री श्रीपाल वर्मा ने किया।
