लॉकडाउन के बाद भी वर्क-फ्राॅम-होम माॅडल लागू करने पर विचार कर रहा है पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

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(www.arya-tv.com)पावर सेक्टर के लिए देश की अग्रणी एनबीएफसी और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड कोविड- 19 के कारण लागू लॉकडाउन के बाद भविष्य में भी वर्क-फ्राॅम-होम माॅडल लागू करने पर विचार कर रही है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एचआर डायरेक्टर (काॅमर्शियल) इंचार्ज पी के सिंह ने कहा, हमारा मानना है कि कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए काम और जीवन के बीच संतुलन महत्वपूर्ण है। चूंकि यह सार्वजनिक उपक्रमों के लिए एक नई अवधारणा है, इसलिए हम लाॅकडाउन के बाद भी अपने कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्राॅम-होम माॅडल को जारी रखने पर विचार कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा इस लॉक डाउन के दौरान हमने जो कुछ भी सीखा है उससे सबक लेते हुए आने वाले दिनों में वर्क-फ्राॅम-होम एक रूटीन की प्रक्रिया हो सकती है। साथ ही, भविष्य में पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन जैसे सार्वजनिक उपक्रम फ्लेक्सी वर्किंग सिस्टम को पेश कर सकते हैं। इससे एक नई कार्य संस्कृति और वातावरण का निर्माण होगा। परिणामस्वरूप हम बढ़ी हुई उत्पादकता, और अधिक प्रेरणा और कार्य तथा जीवन के बीच बेहतर संतुलन का फायदा उठा पाएंगे। पीएफसी में वर्तमान में लगभग 300 कर्मचारी हैं। चूंकि अधिकांश कार्यबल पेशेवर रूप से योग्य हैं, वे सभी सिस्टम से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने कहा इससे पहले भी कंपनी ने अपना परिचालन ऑनलाइन किया था, लेकिन यह काम कार्यालय के दायरे में ही किया जा सकता था। अब इसी सिलसिले को हमने टैक्नोलाॅजी का फायदा उठाते हुए वर्क-फ्राॅम-होम माॅडल में बदल दिया है। वर्तमान स्थिति में यह समय की आवश्यकता भी है। इसलिए कर्मचारी अपने ज्ञान और पीएफसी द्वारा उन्हें प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का सबसे अच्छा उपयोग कर रहे हैं।

पीएफसी ने यह सुनिश्चित किया है कि वर्तमान स्थिति के कारण किसी भी कार्य को स्थगित या विलंबित नहीं किया जा रहा है। पीएफसी जैसे पीएसयू के लिए वित्तीय वर्ष की समाप्ति सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। तालाबंदी की घोषणा के बाद वित्तीय वर्ष 2019-20 के आखिरी दिनों में कर्मचारियों ने इस अवसर पर बढ़-चढ़कर असाधारण योगदान दिया। डब्ल्यूएफएच मॉडल के फायदों पर बोलते हुए सिंह ने कहा पीएसयू के लिए किसी भी मैकेनिज्म का बेहतर मूल्यांकन करने की आवश्यकता है। वर्क-फ्राॅम-होम माॅडल निश्चित रूप से किसी भी शहरी सेटअप में सफर के दौरान रोज लगने वाले लगभग 2 से 3 घंटे तक के समय की बचत करता है। पीएफसी में पहले से ही आईटी सेटअप है और कर्मचारियों के लिए भविष्य में भी डब्ल्यूएफएच को अनुमति देने के प्रावधान हैं। लॉकडाउन के बाद स्थिति का मूल्यांकन एचआर यूनिट की मदद से किया जा सकता है और तदनुसार निर्णय लिया जा सकता है। सिंह के अनुसार पीएफसी ने पहले से ही सभी कर्मचारियों को लैपटॉप प्रदान किए हैं। वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क कनेक्शन सक्षम थे और वीडियो-कॉलिंग, फाइल साझाकरण और चैट उद्देश्यों जैसे सहयोग के लिए कर्मचारियों को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग एप्लिकेशन प्रदान की गई थी।