मेटा अलर्ट के बाद गुरुवार रात वजीरगंज पुलिस ने महज पांच मिनट में लोकेशन ट्रेस कर नीट की तैयारी कर रहे छात्र को आत्महत्या से बचा लिया। उसने एक दोस्त, युवती और घरवालों को खुश रहने की बात कहकर रोते हुए वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। पुलिस ने बिहार में परिवार को सूचना दी। परिजन ने इंस्पेक्टर और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।
इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बिहार के औरंगाबाद जिले के पारता मंसारा निवासी छात्र शाकिब अंसारी वजीरगंज इलाके में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है। उसके पिता जुल्फीकार अनवर अंसारी व्यवसायी हैं। गुरुवार रात 8:11 बजे मेटा से अलर्ट का वीडियो मिला। वीडियो में छात्र अपने दोस्त तलहा का नाम लेते हुए कह रहा है कि घरवालों का ध्यान रखना। किसी को कुछ बताना नहीं तुम्हें मेरी कसम है। जिसके लिए जितना करो उतना कम है। अब हम बुरे हो गए। सॉरी मेरे दोस्त और अंत में एक लड़की का नाम लिखा। इसके बाद उसने गोलियां खा ली।
अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम की मदद से छात्र की लोकेशन ट्रेस की गई। पांच मिनट के अंदर पुलिस टीम लोकेशन की मदद से मौके पर पहुंची। आनन-फानन छात्र शाकिब अंसारी को बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत सामान्य बताई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना की जानकारी छात्र के परिवारवालों को दी गई।
परिवार के लिए सोचो, काउंसिलिंग में फूट-फूटकर रोया
वीडियो में सुसाइड नोट देखने के बाद पुलिस ने मनोचिकित्सक की मदद से छात्र की काउंसिलिंग कराई। काउंसिलिंग के दौरान वह फूट-फूटकर रोते हुए अपनी गलती का एहसास करने लगा। डॉक्टरों ने छात्र शाकिब को हिम्मत देकर शांत कराया। समझाया कि आत्महत्या अंतिम रास्ता नहीं है। जीने के और भी रास्ते हैं। करियर और परिवार के बारे में भी सोचो। वे तुम्हारे बिना कैसे रहेंगे। इसलिए हमेशा बी पॉजिटिव रहो। इसके बाद छात्र ने हाथ जोड़कर कभी भी आत्महत्या न करने की बात कही।
